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चॉकलेट का लालच… फिर बच्चियों से अनैतिक कृत्य का आरोप, 59 साल का दुकानदार गिरफ्तार

भिलाई -भिलाई से सामने आई ये खबर सिर्फ एक अपराध की खबर नहीं है… ये उस भरोसे के टूटने की कहानी है, जिसे बच्चे मासूमियत से हर बड़े इंसान पर करते हैं। 8 से 9 साल की तीन मासूम बच्चियां… चॉकलेट और नड्डा का लालच… और आरोप है कि इसी मासूमियत का फायदा उठाकर 59 साल के एक दुकानदार ने उनके साथ घिनौना कृत्य किया।जिस दुकान से बच्चों को मिठाई और चॉकलेट मिलने की उम्मीद थी… वही जगह अब गंभीर आरोपों के घेरे में है। मामला सामने आते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
मामला भिलाई छावनी थाना क्षेत्र के शिवाजी चौक स्थित बाबा कॉलोनी का है। यहां एक 59 वर्षीय दुकानदार पर तीन नाबालिग बच्चियों के साथ अनैतिक कृत्य करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी बच्चों को चॉकलेट और नड्डा देने के बहाने अपने परिसर में बुलाता था। आरोप है कि इसी दौरान तीनों बच्चियों के साथ यौन अपराध किया गया।

मामले की शिकायत सोमवार रात करीब 9 से 9:30 बजे के बीच छावनी थाने पहुंची। तीनों बच्चियों के परिजनों की ओर से शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक तीनों बच्चियों की उम्र करीब 8 से 9 साल है। मामला सामने आने के बाद बच्चियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उनके बयान भी लिए जा रहे हैं।
पुलिस मेडिकल रिपोर्ट, बच्चियों के बयानों और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने बच्चियों को कितनी बार और किन परिस्थितियों में अपने पास बुलाया था।

आरोपी बाबा कॉलोनी में नड्डा की दुकान चलाता है। पुलिस के अनुसार, बच्चों को चॉकलेट और नड्डा देने के बहाने अपने पास बुलाने की बात सामने आई है।
छावनी सीएसपी प्रशांत कुमार पैकरा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बच्चियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उनके बयान समेत तमाम तथ्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है।:

बच्चों के हाथ में चॉकलेट हो… चेहरे पर मुस्कान हो… और उनके आसपास का हर बड़ा उन्हें सुरक्षित महसूस कराए—यही तो एक सभ्य समाज की पहचान है।
लेकिन अगर इसी भरोसे की आड़ में किसी मासूम के साथ अपराध हो… तो सवाल सिर्फ आरोपी पर नहीं, हमारे आसपास के उस माहौल पर भी उठता है, जहां मासूमियत को निशाना बनाया जाता है।अब पुलिस की जिम्मेदारी है कि हर तथ्य की बारीकी से जांच हो और अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो आरोपी को कानून के तहत ऐसी सजा मिले जो समाज के लिए भी कड़ा संदेश बने।मासूम बच्चों की सुरक्षा सिर्फ परिवार की नहीं… पूरे समाज की जिम्मेदारी है

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