तिल्दा नेवरा तरपोगी/बनसांकरा छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज, धरसींवा राज की मासिक प्रकरण बैठक एवं छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वप्नदृष्टा, स्वतंत्रता सेनानी और प्रख्यात समाजसेवी डॉ. खूबचंद बघेल की जयंती का आयोजन बनसांकरा स्थित कुर्मी भवन में राजप्रधान नीलमणि परगनीहा की अध्यक्षता में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के पुरोधाओं एवं डॉ. खूबचंद बघेल के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
इस मौके पर डॉ. जीवराखन वर्मा संरक्षक ने डॉ. खूबचंद बघेल को केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता और स्वाभिमान के प्रतीक बताया । उन्होंने समाज को शिक्षा, संगठन और सेवा का संदेश दिया। हमें उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना होगा। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
ऋषि वर्मा ने कहा डॉ. खूबचंद बघेल बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने सामाजिक, राजनीतिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में अमूल्य योगदान दिया। उनका जीवन समाज सेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। हमें उनके विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।”
रूद्र कुमार वर्मा ने “डॉ. खूबचंद बघेल ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और छत्तीसगढ़ राज्य की परिकल्पना को जन-जन तक पहुंचाया। वे छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वप्नदृष्टा के रूप में सदैव याद किए जाएंगे। उनका संघर्ष और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।”
राजप्रधान नीलमणि परगनीहा ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा की समाज की शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित है। आगामी धरसींवा राज महाधिवेशन को ऐतिहासिक बनाने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना हमारी प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी एवं सदस्य पूरी निष्ठा के साथ इसकी तैयारियों में जुटें और समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाएं।”
बैठक के दौरान प्राप्त आवेदनों का वाचन राजमंत्री धर्मेंद्र वर्मा ने किया। आवेदनों पर आवेदक एवं गवाहों के कथनों को सुनने के पश्चात समाज के संविधान एवं आचार संहिता के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सर्वसम्मति से निर्णय लिए गए, जिन्हें सचिव द्वारा विधिवत अभिलेखित किया गया।कार्यक्रम का सफल संचालन एवं उत्कृष्ट संयोजन क्षेत्रप्रधान लीलाधर वर्मा एवं ग्राम प्रमुख हृदयराम वर्मा ने किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय संरक्षक डॉ. के.के. नायक, केंद्रीय उपाध्यक्ष आर.सी. वर्मा, उपराजप्रधान ईश्वरी कश्यप, राजेश वर्मा, महिला प्रमुख उषा वर्मा, उपराजमंत्री माहेश्वरी वर्मा, अनुपमा वर्मा, जितेंद्र वर्मा, केवल वर्मा, नीरज वर्मा, डॉ. नागेंद्र वर्मा, धरम वर्मा, अशोक कश्यप, अश्वनी कश्यप, राजेंद्र वर्मा, महेश नायक, सी.एल. नायक, संत वर्मा, समाजसेवी ईश्वरचंद वर्मा, बिरगांव इकाई प्रमुख शेष धुरंधर, सिमगा इकाई प्रमुख रामप्रताप वर्मा, प्रह्लाद वर्मा, विष्णु वर्मा, प्रेम नारायण वर्मा सहित बड़ी संख्या में समाज के स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे।अंत में समाज की एकता, संगठन और सामाजिक विकास के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया

