तिल्दा-नेवरा-शहर में गणेश उत्सव पूरे शबाब पर है। गणेश पंडाल रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहे हैं। कहीं ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दे रही है तो कहीं आरती के बाद श्रद्धालुओं को मालपुआ, गुलाब जामुन, रसगुल्ला, ब्रेड पकौड़ा, खिचड़ी और पोहा का प्रसाद वितरित किया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुस्तैद नजर आ रहे हैं।कम से कम सरकारी प्रेस नोट और कागजों पर तस्वीर कुछ ऐसी ही दिखाई देती है। लेकिन जमीन पर तस्वीर इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है।
गणपति बप्पा की सवारी के स्वागत के लिए शहर में फूलों की राह भले ही सजाई जा रही हो, लेकिन सड़कों पर जगह-जगह बने गड्ढे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण बने हुए हैं। शहर के बीच से गुजरने वाली पीडब्ल्यूडी की सड़कें हों या नगर पालिका द्वारा बनाई गई सड़कें—कई हिस्सों में सड़क से ज्यादा गड्ढे नजर आ रहे हैं।कई जगह गड्ढों को दुकानदारो ने बोरो से भर दिया है ताकि इन गड्डो में कोई व्यक्ति या दुपहिया फसकर गिर न जाए .

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, लेकिन उनके विसर्जन के रास्ते में नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी ने जो गड्ढों के रूप में विघ्न बिछा रखे हैं, उन्हें आखिर कौन हटाएगा?
गणेश उत्सव के दौरान इन रास्तों से रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों तक पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि सामान्य दिनों में भी दोपहिया वाहन चालक एक गड्ढे से बचने की कोशिश करता है तो अगले गड्ढे में फंसने का खतरा बना रहता है। रात के समय रोशनी और भीड़ के बीच यह परेशानी और बढ़ जाती है।
अब श्रद्धालुओं की चिंता सिर्फ दर्शन और प्रसाद तक सीमित नहीं है। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान निकलने वाली शोभायात्राओं को इन्हीं सड़कों से गुजरना है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब शहर की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हैं तो गणपति बप्पा की विदाई किस तरह सुरक्षित होगी?
श्रद्धालुओं का कहना है कि उत्सव के दौरान प्रशासन जिस तरह सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सक्रिय दिखाई दे रहा है, उसी तरह विसर्जन से पहले प्रमुख मार्गों के गड्ढों की मरम्मत और सड़क व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमिताभ शर्मा का कहना है कि बारिश थमने के बाद शहर की खराब सड़कों का प्राथमिकता के आधार पर सुधार किया जाएगा ।. उन्होंने कहा कि इस बार जो नई सड़क बनाई जाएगी पहले पानी निकासी की व्यवस्था की जाएगी ताकि बारिश के दिनों में सड़कों पर पानी जाम ना हो पानी रुकने के कारण सडको पर गड्ढे बन जाते है ।उन्हने बतया नगरी प्रशासन विभाग की बैठक में भी खराब सड़कों को बारिश के बाद बनाने की चर्चा हुई है।

