Homeदेश विदेशदंड भी धर्म है’… नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को...

दंड भी धर्म है’… नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी, महाभारत का जिक्र कर कोर्ट ने सुनाया फैसला.’

मेरठ। देशभर में चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में मेरठ की जिला अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है। मर्चेंट नेवी कर्मी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में अदालत ने सजा सुनाते हुए महाभारत का उल्लेख किया और कहा कि “दंड भी धर्म है।” अदालत की इस टिप्पणी ने फैसले को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 3 मार्च 2025 को सौरभ राजपूत की हत्या की गई थी। आरोप था कि हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें नीले ड्रम में रखा गया और सबूत छिपाने के लिए ड्रम में सीमेंट भर दिया गया। घर से शव के अवशेष मिलने के बाद यह मामला सामने आया था।

महाभारत का उल्लेख कर कही अहम बात

कोर्ट के बाहर वकीलों ने बांटे लड्‌डू

सजा सुनाए जाने के दौरान अदालत की टिप्पणी का जिक्र करते हुए वकील केके चौबे ने बताया कि न्यायाधीश ने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि अपराधियों को दंड देना भी धर्म का हिस्सा है। उनके मुताबिक, अदालत ने अपने फैसले के माध्यम से यह संदेश दिया कि जघन्य अपराधों के लिए कानून के तहत कठोर सजा का प्रावधान है।

13 महीने की सुनवाई, 22 गवाहों के बयान

इस मामले में करीब 13 महीने तक सुनवाई चली और कुल 126 सुनवाइयां हुईं। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 22 गवाह पेश किए। इनमें चाकू, उस्तरा और अन्य सामान की खरीद से जुड़े लोगों के अलावा होटल मैनेजर तथा कैब ड्राइवर भी शामिल थे। अभियोजन ने आरोपियों की कॉल डिटेल, सोशल मीडिया चैट, होटल के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य भी पेश किए।

अदालत ने 30 सितंबर 2026 को दोनों को दोषी करार दिया था। इसके बाद 14 अक्टूबर को सजा सुनाई गई।

परिवार ने की थी कठोर सजा की मांग

सौरभ के परिजनों ने मामले में न्याय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। सौरभ की मां ने दोषियों के लिए कठोर सजा की मांग की थी। परिवार के सदस्यों के मुताबिक, बेटे की हत्या के बाद उन्हें न्याय पाने के लिए लगातार प्रयास करने पड़े।

सौरभ की मां ने अपनी पोती की परवरिश को लेकर भी इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि यदि बच्ची के नाना-नानी सहमत हों, तो वे उसे अपने पास रखकर पालने के लिए तैयार हैं।

अभियोजन ने बताया जघन्य अपराध

परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील केके चौबे ने अदालत में कहा कि यदि पति-पत्नी के बीच विवाद था, तो अलग होने के दूसरे रास्ते मौजूद थे। उनके अनुसार, इस तरह हत्या करना बेहद गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।

इस फैसले के साथ मेरठ का चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। अदालत की टिप्पणी—“दंड भी धर्म है”—न्याय, अपराध और दंड की जिम्मेदारी को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई ह.

RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments