तिल्दा-नेवरा।-बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें असुरक्षित परिस्थितियों से बचाव के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर द्वारा पीएम श्री प्राथमिक शाला, सासाहोली में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बच्चों को सुरक्षा, संरक्षण और कानूनी अधिकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सरल भाषा में दी गईं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकार मित्र नव्या साहू ने विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, आपातकालीन सहायता नंबर 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, भिक्षावृत्ति तथा बाल विवाह जैसे विषयों पर जागरूक किया।
असहज स्पर्श होने पर चुप न रहें बच्चे
शिविर में बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बीच अंतर समझाते हुए बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें असहज महसूस कराए, तो डरने या चुप रहने के बजाय अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। बच्चों को यह भी बताया गया कि आपातकालीन स्थिति में 112 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है, जबकि संकट में फंसे या असुरक्षित बच्चों की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 उपयोगी है।
भिक्षावृत्ति और बाल विवाह के प्रति किया जागरूक
कार्यक्रम में बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों और उनसे होने वाली बीमारियों के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही, बच्चों को भीख मांगने के लिए मजबूर करना गलत है और ऐसी स्थिति में उचित सहायता लेना जरूरी है, यह समझाया गया। बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा विवाह की कानूनी न्यूनतम आयु के संबंध में जानकारी देकर विद्यार्थियों को इस सामाजिक कुरीति के प्रति जागरूक किया गया।
जरूरत पड़ने पर 15100 पर लें कानूनी सहायता
विधिक जागरूकता शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना, उन्हें संभावित खतरों की पहचान करना सिखाना और जरूरत पड़ने पर सही सहायता तक पहुंचने के लिए प्रेरित करना था। इस दौरान नालसा की टोल-फ्री विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100 की जानकारी भी दी गई, ताकि बच्चे और जरूरतमंद लोग कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए उचित मार्गदर्शन ले सकें।

