शहडोल। शहर में एक आठ वर्षीय बच्ची के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। शहर कोतवाली थाना क्षेत्र की आशीर्वाद कॉलोनी में बुधवार शाम बच्ची रोते हुए मोहल्ले में पहुंची और लोगों से मदद मांगी। बच्ची ने जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर दंपति पर उसके साथ मारपीट करने और गर्म चिमटे से दागने का आरोप लगाया। मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को बुलाया। पुलिस बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर थाने पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
जानकारी के मुताबिक बच्ची मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बांदा की रहने वाली बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, डॉक्टर दंपति उसे करीब पांच-छह महीने पहले बांदा से शहडोल लेकर आए थे। बताया गया कि बच्ची को घर में छोटी बच्ची की देखभाल और पढ़ाई के लिए रखा गया था। बच्ची का आरोप है कि उससे घर का काम भी कराया जाता था और काम में गलती होने या विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी।
गर्म चिमटे से दागने का आरोप
बच्ची ने डॉक्टर की पत्नी पर गर्म चिमटे अथवा गर्म वस्तु से शरीर पर दागने का आरोप लगाया है। रिपोर्टों के अनुसार उसकी पीठ पर चोट और जलने के निशान दिखाई देने की बात सामने आई है। हालांकि इन चोटों के कारण और आरोपों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट तथा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
रोते हुए पहुंची मोहल्ले में, लोगों ने पुलिस को बुलाया
बताया गया कि बुधवार शाम बच्ची किसी तरह घर से निकलकर आशीर्वाद कॉलोनी में पहुंची और एक मकान में जाकर मदद मांगी। बच्ची को रोता देखकर स्थानीय लोग एकत्र हुए। इसी दौरान पुलिस को सूचना दी गई। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को थाने लेकर गई।
पुलिस ने जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. बीआर प्रजापति को भी पूछताछ के लिए बुलाया। डॉक्टर की ओर से बच्ची को अपनी पत्नी की रिश्तेदार बताया गया और उसके शहडोल घूमने आने की बात कही गई है। पुलिस फिलहाल बच्ची, डॉक्टर दंपति और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है।
मेडिकल रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई
कोतवाली प्रभारी राघवेंद्र तिवारी के अनुसार बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। उसके परिजनों से संपर्क करने के साथ बाल संरक्षण अधिकारियों को भी सूचना दी गई है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि आखिर इतनी कम उम्र की बच्ची को दूसरे शहर से लाकर किस परिस्थिति में घर में रखा गया था और उसके साथ वास्तव में क्या हुआ। इन सभी सवालों के जवाब अब पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होंगे।

