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9वीं की छात्रा को नशीली इंजेक्शन लगाकर गैंगरेप. पहले बेल्ट से पीटा, होश आया तो बदन से कपड़े उतरे मिले..।

मुंगेली..
छत्तीसगढ़ में नाबालिग बेटियों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं…
कानून सख्त हैं… कार्रवाई भी होती है… लेकिन अपराधियों के हौसले कम होते नजर नहीं आ रहे….।
मुंगेली से सामने आई यह वारदात तो इसलिए भी हैरान करने वाली है… क्योंकि आरोप है कि 9 वीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 साल की छात्रा को पहले रास्ते में रोका गया… बेल्ट से पीटा गया… और फिर नशीला इंजेक्शन लगाकर बेहोश किया गया।……..इसके बाद जो हुआ… उसने एक बार फिर बेटियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

….मुंगेली जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है…।
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 29 सितंबर की शाम छात्रा अपनी सहेली के घर से लौट रही थी। इसी दौरान दो युवकों ने उसे कथित तौर पर रास्ते में रोक लिया।
आरोप है कि दोनों ने उसके साथ मारपीट की… बेल्ट से पीटा… धमकाया और घटना के बारे में किसी को बताने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी…।
इसके बाद छात्रा किसी तरह वहां से निकलकर बस से रतनपुर चली गई…।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई……..।अगले दिन जब वह वापस लौट रही थी, तब दोनों आरोपी फिर उसके सामने आ गए..। आरोप है कि दोनों  के द्वरा उसे जबरन एक मकान में ले जाया गया….।    पीड़िता के बयान के मुताबिक, वहां एक आरोपी ने उसका हाथ पकड़ा… जबकि दूसरे ने उसके हाथ में कथित तौर पर नशीला इंजेक्शन लगाया….। इंजेक्शन

लगने के कुछ  ही देर में  छात्रा बेहोश हो गई।…बेहोशी की हालत में दोनों आरोपियों ने उसके साथ जबरदस्ती की।..होश आया तो उसकी अस्मिता लुट चुकी थी ..उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे और उसे प्राइवेट पार्ट के साथ शरीर के कई हिस्सों में दर्द महसूस हो रहा था..।.घर पहुंचने के बाद उसने परिजनों को पूरी घटना बताई।
इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।….पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
[क्लोजिंग:]
सवाल सिर्फ एक घटना का नहीं है… सवाल उस डर का है, जो आज भी बेटियों के मन में बना हुआ है।कानून अपनी जगह है… पुलिस की कार्रवाई अपनी जगह…लेकिन किसी अपराध के बाद कार्रवाई होना जरूरी है ही… उस अपराध को होने से रोकना उससे भी ज्यादा जरूरी है।
मुंगेली की इस घटना में जांच क्या सामने लाती है… यह तो वक्त बताएगा।लेकिन जरूरत इस बात की है कि बेटियों की सुरक्षा सिर्फ कानून की किताबों तक सीमित न रहे…
बल्कि सड़क से लेकर स्कूल तक… और घर से लेकर समाज तक… उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी दिखाई भी दे।क्योंकि एक बेटी का डर… सिर्फ एक परिवार का डर नहीं होता।
वो पूरे समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर उठता हुआ सवाल होता है।
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