भुरसुदा में संभव स्टील ट्यूब्स लिमिटेड का सीएसआर अभियान, जरूरतमंदों को दवाइयां और चश्मे भी वितरित
तिल्दा नेवरा -ग्रामीण अंचलों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में संभव स्टील ट्यूब्स लिमिटेड की ओर से ग्राम भुरसुदा में नि:शुल्क स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। कंपनी के सीएसआर मद से आयोजित इस शिविर में एमजीएम हॉस्पिटल रायपुर और ओम हॉस्पिटल तिल्दा-नेवरा के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ग्रामीणों की जांच कर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया। शिविर में 315 ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया, जबकि 31 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया।
ग्राम पंचायत भुरसुदा में आयोजित शिविर में भुरसुदा, गुजरा सहित आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। इस दौरान नेत्र परीक्षण के साथ रक्त जांच, बीपी, शुगर और सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों की जांच कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श दिया। जरूरतमंद मरीजों को आगे के इलाज के लिए पंजीकृत भी किया गया।
शिविर में जांच के दौरान 31 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया है। इन मरीजों को संभव स्टील ट्यूब्स लिमिटेड के सहयोग से रायपुर स्थित एमजीएम हॉस्पिटल ले जाकर नि:शुल्क ऑपरेशन कराया जाएगा। मरीजों के आने-जाने के साथ उनके ठहरने की व्यवस्था भी कंपनी द्वारा की जाएगी।
संभव स्टील ट्यूब्स लिमिटेड के एम.जी.के. मूर्ति ने ग्रामीणों से शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की। वहीं कंपनी की सीएसआर हेड श्रीमती शीतल गोयल ने कहा कि कंपनी समय-समय पर ऐसे नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास करती रही है। उन्होंने ग्रामीणों से छोटी से छोटी बीमारी को नजरअंदाज न करने और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की।
शिविर में मरीजों को नि:शुल्क दवाइयों और नजर के चश्मों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत भुरसुदा की सरपंच श्रीमती सरोजनी वर्मा, सरपंच प्रतिनिधि सतीश वर्मा, उपसरपंच राजेश नायक, पंच श्रीमती पूजा बघेल सहित पंचगण एवं ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
शिविर को सफल बनाने में संभव स्टील ट्यूब्स लिमिटेड के एम.जी.के. मूर्ति, सुचिता जैन, धर्मेश नायक, लक्ष्मी, राकेश कुमार निर्मलकर, जितेंद्र वर्मा तथा डॉ. राहुल दुबे का सराहनीय योगदान रहा।

