।तिल्दा-नेवरा-किसी ने अपने चित्र में स्वच्छ और सुंदर भारत की तस्वीर उकेरी, तो किसी ने विकसित तकनीक, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता से आगे बढ़ते देश की कल्पना को कागज पर उतार दिया। वहीं बच्चों ने अपने भाषण के माध्यम से बताया कि वे आने वाले भारत को कैसा देखना चाहते हैं। सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘मेरे सपनों का भारत’ आयोजन में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति और विचारों से विकसित भारत की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की।
तिल्दा के बी.एन.बी. शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिल्दा-नेवरा में आयोजित विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत विद्यार्थियों ने ‘मेरे सपनों का भारत कैसा हो’ विषय पर चित्रकला एवं भाषण के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में प्राथमिक स्तर के 39 तथा उच्च प्राथमिक स्तर के 54 विद्यार्थियों ने भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में प्राथमिक स्तर के 41 और उच्च प्राथमिक स्तर के 60 छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर अपने हुनर का प्रदर्शन किया।
चित्रों में बच्चों का अपना भारत
विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों में स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त भारत, बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक, हरियाली, मजबूत infrastructure, आत्मनिर्भरता और देश की प्रगति जैसे विषय प्रमुखता से दिखाई दिए। बच्चों ने रंगों के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि उनका भारत ऐसा हो, जहां हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, पर्यावरण सुरक्षित रहे और देश विकास की नई ऊंचाइयों को छुए।
भाषण प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ अपने विचार रखे। बच्चों ने कहा कि उनका सपना ऐसा भारत बनाने का है जो शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, स्वच्छता, रोजगार और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे हो तथा जहां हर नागरिक को समान अवसर मिले। विद्यार्थियों के विचारों में देश के प्रति सेवा, जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना स्पष्ट दिखाई दी।
कार्यक्रम में पार्षद रानी सौरभ जैन, भाजपा शहर उपाध्यक्ष सौरभ जैन, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीलाधर सिन्हा, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीखेश्वर जाहिरे तथा बीआरसीसी देवेंद्र ठाकुर सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
संस्था के प्राचार्य डॉ. आर.के. चंदानी ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सेवा संकल्प और विकसित भारत की कल्पना की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के विचारों में देश के भविष्य की तस्वीर दिखाई देती है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में रचनात्मकता के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है।
पार्षद रानी सौरभ जैन ने विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चार्ट एवं चित्रों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। आज उन्होंने अपने चित्रों के माध्यम से भारत के भविष्य को रंगों में पिरोने का काम किया है। उनके विचार और कल्पनाएं निश्चित रूप से प्रेरणादायी हैं।
शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा ने कहा कि सेवा के 25 वर्षों और आने वाले 25 वर्षों के भारत की कल्पना को जिस तरह बच्चों ने चित्रों एवं विचारों के माध्यम से प्रस्तुत किया है, वह उनकी सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीलाधर सिन्हा ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं। विद्यार्थियों ने चित्रकला और भाषण के माध्यम से भारत के प्रति अपनी सोच और सपनों को जिस प्रभावी ढंग से व्यक्त किया, वह सराहनीय है।
सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीखेश्वर जाहिरे ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को सामने लाने के लिए इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण हैं। इससे बच्चों को अपनी रचनात्मकता और विचारों को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में बीआरसीसी देवेंद्र ठाकुर, विकासखंड एवं संकुल समन्वयक कैलाश बघेल, लखेश्वर, लेखराम सोनी, कौशल, हिमाचल चौबे, नरोत्तम ध्रुव, समस्त संकुल समन्वयक, शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित डॉ. लक्ष्मण साहू एवं सागर पंजवानी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

