Monday, February 23, 2026
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पुलिस ने निकाला बदमाशों का जुलूस.. लंगड़ा कर चलते बोले. पुलिस हमारी बाप है.

बिलासपुर-रायपुर-छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने फरार हिस्ट्रीशीटर लुटू पांडेय और उसके चार साथियों को गिरफ्तार किया है। इन  बदमाशो ने इंस्टाग्राम पर पिस्टल लहराते हुए वीडियो बनाकर वायरल कर दहशत फैलाने की कोशिश की थी। सोशल मीडिया पर जारी इन पोस्ट्स में उन्होंने शहर के भाजपा और कांग्रेस नेताओं को जान से मारने की धमकी दे रहे थे ।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों का महल्ले से जुलूस निकाला।ताकि लोगो के दिलो से बदमाशो का भय दूर हो सके .जुलूस में चारो बदमाश लंगड़ाते चल रहे थे ..इस दौरान उनसे सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक करवाई गई और माफी मंगवाई गई। पुलिस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी यह कहते हुए नजर आया, बिलासपुर में गुंडई करोगे तो पुलिस गुफा से भी निकाल लेगी, पुलिस हमारी बाप है।’मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है।

आरोपियों को हथकड़ी लगाकर थाने जाया गया। पीछे-पीछे पुलिस भी चलती रही।

पुलिस ने बताया कि चिंगराजपारा निवासी लुटू पांडेय उर्फ रितेश एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में फरार चल रहा था। फरारी के दौरान वह अपने साथी शिवम मिश्रा के साथ उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, बनारस और इलाहाबाद जैसे शहरों में लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस लंबे समय से इन आरोपियों की तलाश में थी दरअसल, फरार आरोपी लुटू पांडेय निगरानी बदमाश है। वह फरारी के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था, वो पिस्टल और हथियारों के साथ रील बनाकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर कर रहा था। उसका दोस्त और चोरी का आरोपी शिवम मिश्रा भी ऐसे ही पिस्टल के साथ वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर दहशत फैला रहा था। दोनों आरोपी शहर के कुछ युवकों को जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे। जिसकी शिकायत चकरभाठा और सरकंडा थाने में की गई है।

पुलिस ने उनके दहशतगर्दी का वीडियो वायरल होने पर उनके ठिकानों की पुख्ता जानकारी जुटाई, जिसके बाद अलग-अलग टीम बनाकर उत्तर प्रदेश के बनारस सहित अन्य शहरों में भेजा गया। पुलिस के आने की भनक लगते ही आरोपी उत्तर प्रदेश से भागकर छत्तीसगढ़ की सीमावर्ती इलाकों में छिपने के लिए भागने लगे।

पुलिस ने आरोपियों का पीछा करते हुए रतनपुर के पास घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। इस कार्रवाई में टीम ने लुटू पांडेय, शिवम मिश्रा, लक्की यादव, शैलेश चौबे और शंभू यादव को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से पुलिस ने एक रिवॉल्वर, एयरगन, चाकू, बेसबॉल स्टिक और एक बुलेट मोटरसाइकिल जब्त की है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों की पहले जमकर खातिरदारी की। जिसके बाद उन्हें उनके मोहल्ले में ले जाया गया। इस बीच पुलिसकर्मियों ने उन्हें सबक सिखाने के लिए जमकर डंडे चलाए। बदमाशों को कान पकड़कर उठक-बैठक भी करवाई।

सरकंडा थाना प्रभारी नीलेश पांडेय ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं। अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी युवकों के खिलाफ संगठित अपराध की धारा जोड़कर कार्रवाई की जा रही है। उनके परिजन और गिरोह के अन्य सदस्यों की अवैध संपत्तियों की पहचान कर जब्ती की तैयारी भी की जा रही है। नशे के कारोबार से कमाई संपत्ति की पहचान कर मामले को सफेमा कोर्ट में मामला भेजा जाएगा। न्यायालय के आदेश पर उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी।

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि ऐसे लोग ध्यान रखें, जिन्हें गुंडागर्दी का शौक है। वे गुंडागर्दी छोड़कर मेहनत कर कामकाज में अपना ध्यान दें। अपने परिवार के लिए महत्वपूर्ण बने और समाज के लिए काम आएं। इस तरह गुंडागर्दी करने से और डॉन बनने से जिंदगी जेल में कटेगी। उन्होंने बदमाशों को चेतावनी देते हुए जीवन में सुधार लाने कहा है।

सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि आरोपी युवकों को पकड़कर सख्ती से पूछताछ की गई। तब उन्होंने बताया कि अपने दो साथी अविनाश बोरकर और सुमित महाजन को देसी पिस्टल दिया है। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।उनके पास से दो पिस्टल बरामद कर उनकी गिरफ्तारी की गई है। आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। दोनों युवकों से सिविल लाइन थाने में पूछताछ की गई। जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस ने रायपुर में मारपीट करने वाले 3 आरोपियों का निकाला जुलूस।

आपको बता दे एक दिन पहले महादेव सट्टा एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के भांजे और उसके दो साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर पुलिस ने आरोपियों का जुलूस निकाला। आरोपियों से कहलवाया अपराध करना पाप है, कानून हमारा बाप है।तेलीबांधा थाने के प्रभारी नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि 21 सितंबर की रात VIP रोड पर स्थित जूक बार में आरोपियों ने मारपीट की घटना को अंजाम दिया था। उस दिन प्रेम कुमार वर्मा और शुभम साव को मौके से ही पकड़ लिया गया था, लेकिन पुलकित चंद्राकर, प्रखर चंद्राकर और मुकुल सोना घटना के बाद फरार हो गए थे।

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