अदाणी फाउंडेशन की हरित पहल से बदलेगी गांव की तस्वीर, 10 हजार पौधों के संरक्षण का लिया संकल्प
तिल्दा नेवरा पर्यावरण संरक्षण को केवल पौधारोपण तक सीमित रखने के बजाय उसे लंबे समय तक हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की पहल तिल्दा क्षेत्र के ग्राम मुरा में शुरू हुई है। ग्राम पंचायत मुरा में लगभग 15 एकड़ भूमि पर ‘अदाणी वन’ विकसित किया जा रहा है, जिसके तहत कुल 10 हजार फलदार, छायादार और पर्यावरणोपयोगी पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। बुधवार को अभियान की शुरुआत करते हुए करीब 2 हजार पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पौधारोपण में हिस्सा लेकर उनके संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लिया।

अदाणी पॉवर लिमिटेड, रायपुर के समीप ग्राम पंचायत मुरा में अदाणी फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत मुरा की सरपंच कंचन टोकेंद्र गायकवाड़, उपसरपंच संतोषी वर्मा, सरपंच प्रतिनिधि टोकेंद्र गायकवाड़, अदाणी पॉवर लिमिटेड के मानव संसाधन विभाग प्रमुख देवाशीष दास, उपसरपंच प्रतिनिधि जगदीश प्रसाद वर्मा, पंच सुमन दिवाकर एवं होरीलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
केवल पौधे लगाना नहीं, संरक्षण पर भी जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अदाणी पॉवर लिमिटेड के मानव संसाधन विभाग प्रमुख देवाशीष दास ने कहा कि ‘अदाणी वन’ का उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और सामुदायिक भागीदारी को लंबे समय तक मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यहां प्रतिदिन पौधारोपण किया जाएगा और लगाए गए पौधों की देखभाल एवं संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने लिया पौधों की देखभाल का संकल्प
अभियान के दौरान फलदार, छायादार और पर्यावरण के लिए उपयोगी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पौधों की नियमित देखभाल, सुरक्षा एवं संवर्धन में सहयोग करने का संकल्प लिया। अदाणी फाउंडेशन की टीम ने भी ग्रामीणों से पौधों को सुरक्षित रखने और उनके नियमित संरक्षण में भागीदारी निभाने की अपील की।
अदाणी फाउंडेशन की ओर से प्रीति प्रजापति, राजीव रंजन, मनीष नंदवाना, सुमित साहू सहित एजुकेशन टीम के सदस्यों ने भी पौधारोपण किया।
10 हजार पौधों के लक्ष्य के साथ शुरू हुआ यह अभियान मुरा गांव में हरित क्षेत्र के विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

