तिल्दा-नेवरा -सावन के तीसरी सोमवार पर तिल्दा-नेवरा शहर सहित आसपास के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रसिद्ध लखना सोमनाथ धाम में हजारों की संख्या में कांवड़िए और श्रद्धालु पहुंचे। शिवनाथ और खारून नदी के पवित्र संगम तट पर स्थित दिव्य शिवलिंग पर श्रद्धालुओं ने पवित्र जल अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
सोमवार को जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों के जत्थे रविवार रात से ही तिल्दा से सोमनाथ की ओर रवाना होने लगे थे। पूरी रात मार्ग में ‘बोल बम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के जयकारे गूंजते रहे। सोमवार सुबह तक हजारों कांवड़िए सोमनाथ पहुंच चुके थे। श्रद्धालुओं ने सबसे पहले संगम स्थल पर आस्था की डुबकी लगाई और इसके बाद नदी से पवित्र जल भरकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।

कांवड़ियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा सामग्री लेकर भी सोमनाथ पहुंचे। लोगों ने बेलपत्र, फूल, धतूरा, भांग, दूध, दही, शहद, फल और अन्य पूजन सामग्री से भगवान भोलेनाथ की पूजा की। कई श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ भगवान शिव का अभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
लगातार हो रही बारिश के कारण शिवनाथ और खारून नदियों में पानी का स्तर बढ़ा हुआ है। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। तिल्दा से सोमनाथ के बीच करीब 18 किलोमीटर के मार्ग पर 50 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए गए। विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं और संगठनों ने कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं के लिए चाय, फल, नींबू पानी, शरबत, नाश्ता और अन्य खाद्य सामग्री की व्यवस्था की। जगह-जगह सेवा भाव से श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया।

सोमनाथ में सुबह से शुरू हुआ श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के जयकारों से गूंजता रहा। कई शिवभक्त भगवान शिव की बारात के रूप में नाचते-गाते और भक्ति गीतों के साथ सोमनाथ पहुंचे। इससे पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया।
श्रद्धालुओं का कहना है कि सोमनाथ में शिवनाथ और खारून नदी के पवित्र संगम तट पर स्थित दिव्य शिवलिंग का दर्शन और जलाभिषेक करने का विशेष महत्व है। सावन के अंतिम सोमवार को यहां और भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। वहीं तिल्दा-नेवरा शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में भी दिनभर भक्तों की भीड़ लगी रही और श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक किया। कई भक्तों ने अपने घरों में ओमः शिवाय का जाप और भगवान भोलेनाथ की आराधना होती रही। कई श्रद्धालुओं ने घरों में ही शिव पूजा कर सावन सोमवार का व्रत और अनुष्ठान किया।

