23वें गरबा महोत्सव में 500 प्रतिभागी बिखेरेंगे रंग | 19 अक्टूबर तक सजेगी गरबा की महफिल
तिल्दा-नेवरा-नवरात्रि की भक्ति, गरबा की थाप और रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों से तिल्दा-नेवरा का सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति का दुर्गा बाड़ा आज से गुलजार होने जा रहा है। यहां 14 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक छह दिवसीय गरबा महोत्सव का आयोजन होगा। महोत्सव के 23वें वर्ष को लेकर प्रतिभागियों में खासा उत्साह है, वहीं शहरवासी भी इस सांस्कृतिक आयोजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। समिति द्वारा पिछले 44 वर्षों से मां दुर्गा की स्थापना कर उत्सव मनाया जा रहा है।

इस बार गरबा महोत्सव में महाआरती आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी। लगभग 8 हजार वर्गफीट के गोलाकार आयोजन क्षेत्र में दो अलग-अलग सर्कल बनाए गए हैं। इनमें करीब 500 प्रतिभागी, बच्चों सहित, सामूहिक रूप से गरबा करते नजर आएंगे। महाआरती के दौरान फूल और सूरज की आकृतियों की मनमोहक प्रस्तुति के बाद चौकड़ी-छकड़ी की ताल पर गरबा की रंगारंग छटा बिखरेगी।
10 दिन के अभ्यास के बाद मैदान में उतरेंगे प्रतिभागी
गरबा की आकर्षक प्रस्तुति के लिए प्रतिभागियों ने लगातार 10 दिनों तक रिहर्सल की है। इस दौरान गरबा के अलग-अलग स्टेप्स, तालमेल और सामूहिक प्रस्तुतियों का अभ्यास किया गया, ताकि आयोजन के दौरान हर प्रस्तुति दर्शकों को आकर्षित कर सके। प्रतिदिन अलग-अलग थीम पर आधारित गरबा प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे छह दिनों तक उत्सव में विविधता और नया रंग देखने को मिलेगा।
बिना पास मिलेगा प्रवेश, सहयोगी परिवारों के लिए अलग व्यवस्था
समिति के आयुष कोटवानी ने बताया कि दुर्गा बाड़ा में आयोजित गरबा महोत्सव में प्रवेश के लिए किसी प्रकार का पास जारी नहीं किया जाता। जो दर्शक पहले पहुंचेंगे, उन्हें उपलब्धता के अनुसार बैठने की जगह मिलेगी। वहीं समिति को सहयोग देने वाले शहर के 72 परिवारों के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था की गई है।
रानी कोटवानी, अनुष्का और मुस्कान बत्रा ने बताया कि गरबा महोत्सव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रतिदिन रात 9:30 बजे से शुरू होने वाला गरबा मध्यरात्रि 12 बजे तक चलेगा।भक्ति, संगीत, पारंपरिक नृत्य और सामूहिक उत्साह से सजा यह आयोजन तिल्दा-नेवरा के लोगों को एक बार फिर नवरात्रि की सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ने के साथ शहर में उत्सव का माहौल बनाएगा।गरबा में छत्तीसगढ़,गुजरती ,सिन्धी राजस्थानी ,देवी के भजनों पर गरबा प्रस्तुत किया जाएह्गा

