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पलभर में उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार, करंट से पिता-बेटे की मौत के बाद,आज मां ने भी तोड़ा दम

किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक आम सुबह इस परिवार की जिंदगी की आखिरी सुबह बन जाएगी। घर की बालकनी में फैला करंट एक पल में पूरे परिवार पर कहर बनकर टूट पड़ा। पहले पिता को बिजली ने अपनी चपेट में लिया, उन्हें बचाने दौड़ा बेटा भी मौत के मुंह में समा गया और दोनों को बचाने पहुंची मां जिंदगी की जंग हार गई। जिस घर में कभी हंसी-खुशी गूंजती थी, वहां अब मातम पसरा है। एक ही हादसे ने हंसते-खेलते परिवार के तीनों सदस्यों को छीन लिया।

बलौदाबाजार। जिले के नेहरू चौक में बिजली के करंट ने एक कपड़ा कारोबारी के पूरे परिवार को उजाड़ दिया। घर की बालकनी की लोहे की ग्रिल में फैले करंट की चपेट में आने से कारोबारी राकेश गुप्ता (45), उनके बेटे ओम गुप्ता (24) और पत्नी वर्षा गुप्ता (45) की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह हुए इस दर्दनाक हादसे में पहले पिता-पुत्र ने दम तोड़ा था। वहीं गंभीर रूप से झुलसी वर्षा गुप्ता रायपुर के निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही थीं। आखिरकार उन्होंने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

पिता को करंट से चिपका देख बचाने दौड़ा बेटा

जानकारी के मुताबिक, राकेश गुप्ता शुक्रवार सुबह रोज की तरह नींद से जागने के बाद घर की बालकनी में पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने वहां लगी लोहे की ग्रिल को हाथ लगाया। ग्रिल में पहले से करंट फैला हुआ था, जिससे वे बिजली के तेज झटके की चपेट में आ गए और ग्रिल से चिपक गए।

पिता को इस हालत में देखकर उनका 24 वर्षीय बेटा ओम उन्हें बचाने के लिए दौड़ा। उसने पिता को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से वह भी करंट की चपेट में आ गया। कुछ ही पलों में पिता और बेटा दोनों बिजली की चपेट में आ चुके थे।

दोनों को बचाने पहुंची मां, वह भी नहीं बच सकीं

पति और बेटे को करंट से जूझता देख वर्षा गुप्ता उन्हें बचाने के लिए पहुंचीं। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उन्हें भी बिजली का जोरदार झटका लगा और वह दूर जा गिरीं। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग तत्काल मौके पर पहुंचे और तीनों को अस्पताल पहुंचाया।

जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने राकेश गुप्ता और उनके बेटे ओम गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से झुलसी वर्षा गुप्ता को बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया था। कई दिनों तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद आखिरकार उनकी भी सांसें थम गईं।

एक हादसा और तीन जिंदगियां खत्म

इस हृदयविदारक घटना ने पूरे बलौदाबाजार को झकझोर कर रख दिया है। जिस मां ने अपने पति और बेटे को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की, वह भी उन्हें बचा नहीं सकीं। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से घर में सन्नाटा और इलाके में शोक की लहर है। पलभर में उजड़ा यह परिवार हर किसी की आंखें नम कर रहा है।

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