इंदर कोटवानी
रजिया नाले में बहने वाले युवक की तलाश के बीच नई उम्मीद, पुल पर जुटी ग्रामीणों की भीड़; पुलिस मौके पर
तिल्दा-नेवरा। तिल्दा क्षेत्र में रात से लापता 24 वर्षीय अंकित पाठक की तलाश के बीच शनिवार दोपहर उस समय हलचल मच गई, जब कोटा नाले में एक व्यक्ति को पानी के तेज बहाव में बहते हुए देखा गया। व्यक्ति को देखते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में कोटा नाले के ऊपर बनी पुलिया पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है।
बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर व्यक्ति को बहते हुए देखा गया है, वह रात में युवक के बहने वाले स्थान से करीब 3 किलोमीटर दूर है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कहीं यह वही अंकित तो नहीं, जो शुक्रवार रात तिल्दा-कोहका-राजिया के बीच उफनते नाले को पार करते समय तेज बहाव में बह गया था।
हालांकि अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि कोटा नाले में दिखाई दिया व्यक्ति अंकित पाठक ही है। पुलिस और ग्रामीण उसकी पहचान और तलाश के लिए मौके पर जुटे हुए हैं।
क्या रातभर किसी सहारे रुका रहा युवक?
व्यक्ति के बहते दिखाई देने के बाद ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोगों का अनुमान है कि संभव है कि तेज बहाव में बहने के बाद युवक कहीं किनारे या किसी स्थान पर फंस गया हो और पानी बढ़ने के बाद दोबारा बहाव में आ गया हो। वहीं कुछ लोग यह संभावना भी जता रहे हैं कि युवक ने रातभर किसी पेड़, झाड़ी या अन्य सहारे को पकड़कर खुद को बचाए रखा हो और कमजोर पड़ने के बाद वह फिर पानी के तेज बहाव में बह गया हो।फिलहाल ये सिर्फ ग्रामीणों के अनुमान हैं, इनकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
परिवार और ग्रामीणों की टिकी उम्मीद
अंकित पाठक शुक्रवार रात करीब 9 बजे दोस्तों के साथ ग्राम खुडमुड़ी से लौट रहा था। रजिया नाले की पुलिया के ऊपर तेज पानी बहने के बावजूद तीनों युवक नाला पार करने लगे थे। इसी दौरान अंकित का हाथ दोस्तों से छूट गया और वह तेज बहाव में बह गया था। रात में अंधेरा होने के कारण उसकी तलाश में भी मुश्किलें आईं।
अब कोटा नाले में किसी व्यक्ति के बहते दिखाई देने की खबर से अंकित के परिजनों और ग्रामीणों में एक तरफ चिंता तो दूसरी तरफ उम्मीद जगी है। सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई और तलाश पर टिकी है।VCN टाइम्स की ईश्वर से यही प्रार्थना है कि कोटा नाले में दिखाई दिया व्यक्ति अंकित ही हो और वह सुरक्षित मिले। फिलहाल पहचान की पुष्टि होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

