बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार आगजनी और हिंसा मामले में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। अमित बघेल के खिलाफ आगजनी और हिंसा से जुड़े चार अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने इन्हीं मामलों में कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया था।
गौरतलब है कि 10 जून 2025 को बलौदाबाजार में हिंसा और आगजनी की बड़ी घटना सामने आई थी। घटना के दौरान कई स्थानों पर तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए थे। जांच के दौरान पुलिस ने अमित बघेल को मामले में आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनकी ओर से हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई थी। हालांकि सुनवाई के बाद अदालत ने जमानत देने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
हाईकोर्ट ने अन्य आरोपियों को मिली जमानत के आधार पर समानता का दावा भी खारिज कर दिया। अदालत ने उल्लेख किया कि अमित बघेल के खिलाफ 17, अजय यादव के खिलाफ 13 और दिनेश कुमार वर्मा के खिलाफ एक अन्य मामला लंबित है। ऐसे में उन्हें समान आधार पर राहत नहीं दी जा सकती। हालांकि अदालत ने यह स्पष्ट किया कि यदि संरक्षित गवाहों की गवाही पूरी हो जाती है या आदेश की तारीख से एक वर्ष की अवधि पूर्ण हो जाती है, तो आरोपी दोबारा जमानत याचिका दायर कर सकते हैं। फिलहाल मामले को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है और हिंसा से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

