गोबरा नवापारा क्षेत्र में 8 फीट तक पहुंचा पानी, राहत शिविरों का किया निरीक्षण; प्रभावित परिवारों को 5-5 हजार की सहायता राशि
गोबरा नवापारा। लगातार तीन दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश ने गोबरा नवापारा क्षेत्र में हालात बिगाड़ दिए हैं। नदी-नालों के उफान पर आने से नवापारा, सोमवारी बाजार, नेहरू घाट, पारागांव, कुटीपारा, टीला सहित नदी किनारे बसे कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया। नवापारा क्षेत्र में पानी करीब 8 फीट तक बढ़ने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले करीब 25 वर्षों में उन्होंने इस तरह का भीषण जलभराव और तबाही नहीं देखी।
करीब 2 हजार लोग राहत शिविरों में पहुंचे

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। अब तक करीब 2 हजार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। शिविरों में प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पेयजल समेत आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
मंत्री टंकराम वर्मा ने लिया जायजा
बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और राहत शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मंत्री ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है और राहत पहुंचाने में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।
पीड़ित परिवारों को 5-5 हजार रुपये की सहायता
मंत्री वर्मा ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत के तौर पर 5-5 हजार रुपये के अनुदान चेक वितरित किए। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के मकान बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके पुनर्निर्माण के लिए भी सरकार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
नुकसान का सर्वे कर जल्द मिलेगा मुआवजा
मंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ से हुए जान-माल, फसल और मकानों के नुकसान का त्वरित एवं सटीक सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे पूरा होने के बाद राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के प्रावधानों के तहत पात्र प्रभावितों को प्राथमिकता के आधार पर मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिले और उनका जीवन फिर सामान्य हो सके।

