एक टक्कर ने उजाड़ दिया परिवार,छीन ली दीपावली की खुशियां
तिल्दा-नेवरा। शहर की सड़कों पर बेलगाम रफ्तार और यातायात व्यवस्था की अनदेखी ने एक बार फिर एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। तिल्दा नेवरा हाई स्कूल के पीछे कुरैशी साइकिल स्टोर के अंदर रोड पर बुधवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद बाइक को घसीटते हुए सड़क किनारे खड़े रेत से भरे हाईवा में जा भिड़ी। हादसा इतना भयावह था कि बाइक चला रहा युवक कार और हाईवा के बीच बुरी तरह फंस गया और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

मिली जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर करीब 1 बजे कुरैशी साइकिल स्टोर रोड से स्टेडियम जाने वाले मार्ग के बीच रेत से भरा हाईवा क्रमांक CG 04 LN 4404 सड़क किनारे खड़ा था। इसी दौरान तेज रफ्तार कार क्रमांक CG 04 NC 4310 वहां पहुंची। बताया जा रहा है कि कार ने गली से निकल रहे बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार बाइक को घसीटते हुए सीधे खड़े हाईवा से जा टकराई। इस भीषण भिड़ंत में बाइक सवार युवक कार और हाईवा के बीच फंस गया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
इस हादसे में एक राहत की बात यह रही कि बाइक पर युवक के सामने बैठा एक बच्चा टक्कर लगते ही दूर जा गिरा, जिससे उसकी जान बच गई। लेकिन बाइक चला रहे वीरेंद्र वर्मा, निवासी नेवरा बस्ती, नया तालाब के पास को बचाया नहीं जा सका। एक पल में हुए इस हादसे ने परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी में कार चालक की लापरवाही सामने आने की बात कही जा रही है, हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
सड़क पर खड़े वाहन और बेलगाम रफ्तार ने खड़े किए गंभीर सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने शहर की यातायात व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर शहर के अंदरूनी मार्गों पर भारी वाहनों को सड़क किनारे खड़े करने की अनुमति कैसे मिल जाती है? क्या ऐसे वाहनों के लिए कोई निर्धारित पार्किंग व्यवस्था नहीं है? दूसरी ओर तेज रफ्तार से दौड़ते वाहनों और नाबालिगों के वाहन चलाने पर निगरानी का भी अभाव नजर आता है।
शहरवासियों का सवाल है कि क्या किसी और बड़े हादसे के बाद ही यातायात व्यवस्था सुधरेगी? सड़कें आम लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए हैं या भारी वाहनों की बेतरतीब पार्किंग के लिए?
आज एक मासूम की जान बाल-बाल बच गई, लेकिन एक परिवार का सहारा हमेशा के लिए छिन गया। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

