पटियाला में रोकी गई अमृतसर-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस, यात्रियों को सुरक्षित निकालकर दो स्पेशल ट्रेनों से भेजने की व्यवस्था
पटियाला। पंजाब में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। अमृतसर से पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि ट्रेन के चार जनरल कोच इसकी चपेट में आ गए। डिब्बों से उठती आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर यात्रियों में दहशत फैल गई। जान बचाने के लिए यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री ट्रेन से नीचे कूदकर आसपास के खेतों की ओर भागने लगे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रेन नंबर 12508 कर्मभूमि एक्सप्रेस शुक्रवार दोपहर फतेहगढ़ साहिब जिले के साधुगढ़ रेलवे स्टेशन से रवाना होने के बाद सराय बंजारा रेलवे स्टेशन के नजदीक पहुंची थी। इसी दौरान इंजन से पांचवें नंबर के जनरल कोच में आग दिखाई दी। देखते ही देखते आग आसपास के डिब्बों तक फैल गई। आग की भयावहता को देखते हुए लोको पायलट और गार्ड ने तत्काल आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया।
ट्रेन रुकते ही यात्रियों में जान बचाने की होड़ मच गई। कई यात्री अपना सामान तक छोड़कर नीचे उतर गए। कुछ यात्रियों के चलती ट्रेन से छलांग लगाने की भी जानकारी सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के साथ यात्रियों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू किया।

तीन कोच बुरी तरह जले, चौथे को भी नुकसान
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, आग से तीन जनरल कोच बुरी तरह प्रभावित हुए, जबकि चौथे कोच को भी आंशिक नुकसान पहुंचा। ट्रेन में लगभग 1500 यात्री सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेलवे अधिकारियों ने किसी की मौत या घायल होने की पुष्टि नहीं की है।
दो स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को भेजने की व्यवस्था
हादसे के बाद रेलवे ने यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की। सराय बंजारा स्टेशन से न्यू जलपाईगुड़ी की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए दो स्पेशल ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की गई। अंबाला से दुर्घटना राहत चिकित्सा ट्रेन भी रवाना की गई थी। आग से प्रभावित कोचों को अलग कर दिया गया, ताकि आग अन्य डिब्बों तक न फैल सके।
आग लगने के कारणों की होगी जांच
प्रारंभिक रिपोर्टों में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है, हालांकि रेलवे ने आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। अंबाला मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही और प्रभावित यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने के इंतजाम किए गए।
इस घटना के बाद रेल यात्रियों की सुरक्षा और चलती ट्रेनों में अग्निशमन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

