रायपुर की राजधानीरायपुर में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू की गई है। जिसके बाद भी यहां अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार बदमाश चोरी, डकैती और चाकूबाजी जैसे कई अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला राजधानी स्थित मंदिर हसौद थाना क्षेत्र से सामने आया हैं, जहां एक युवक की हत्या कर आरोपी ने युवक के परिजनों को गुमराह करता रहा। आरोपी ने हत्या के बाद घर वालों से कह दिया कि युवक को प्रेत उठाकर ले गए। उसका मिलना मुश्किल है, लेकिन अब मामले का खुलासा हो गया है।
मृतक युवक की पहचान भुवनेश्वर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि भूवनेश्वर और आरोपी बचपन के दोस्त हैं, और आरोपी नोहर दास उर्फ गोलू रात्रे निर्दलीय पार्षद हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक आरोपी पार्षद अब बीजेपी में शामिल हो चुका है। पुलिस ने आरोपी पार्षद और उनके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बताया जा रहा है कि आरोपी मंदिर हसौद से भुवनेश्वर को लेकर महासमुंद गए थे, जहां उसकी हत्या कर शव को नदी में गाड़ दिया। माना सीएसपी लंबोदर पटेल ने बताया कि भुवनेश्वर को उसके हत्यारे अपने साथ महासमुंद लेकर गए, वहां सड़क से लगी नदी में ले जाकर रेत खोदकर उसकी लाश गाड़ दी। अब भुवनेश्वर का शव सड़ चुका है, जिसे निकाला गया है और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
22 मई से था लापता
पुलिस ने जब कड़ाई से पार्षद से पूछताछ की तो इस हत्याकांड और लाश के बारे में पता चला, महासमुंद की पुलिस भी केस की जांच कर रही है। वहीं दूसरी ओर परिजन रातों की नींद खराब करके 22 मई से लगातार भुवनेश्वर को तलाश रहे थे। 28 मई को पता चला कि पार्षद गोलू रात्रे ने उसे अपने साथियों के साथ मिलकर मार डाला है। खास बात ये है कि गोलू ने कांड करने के बाद घर वालों से संपर्क किया, अनजान की तरह बर्ताव करते हुए, भुवनेश्वर को ढूंढने का ढोंग किया। परिजनों के पास जाकर कहा कि बैगा के पास जाकर पता लगाते हैं, बैगा को बुलवा दिया कि भुवनेश्वर को प्रेत लेकर चले गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पार्षद कई तरह के अवैध धंधों से जुड़ा है। पुलिस ने इस मामले में उसपर समय रहते एक्शन नहीं लिया, जबकि ये जानकारी दी गई थी कि आखिरी बार पार्षद के साथ ही भुवनेश्वर मौजूद था।

