रायपुर:दुर्ग जिले में भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती का खुलासा होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। जहां एक ओर पुलिस ने आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकर को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है तो दूसरी ओर उन्हें भाजपा से निलंबित कर दिया गया है। विनायक ताम्रकार का निलंबन का आदेश डॉ नवीन मार्कंडेय ने जारी किया है। वहीं, इस मामले को लेकर विपक्षी नेताओं ने एक बार फिर सरकार को घेरने की कोशिश की है। कांग्रेस सरकार को सदन में घेरने की तैयारी में जुट गए हैं। खबर है कि कांग्रेस ने 9 मार्च को विधान सभा के बजट सत्र के दौरान ध्यानाकर्षण लाने का फैसला किया है। भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा नेता का फार्महाउस करीब 150 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें चारागाह की भूमि भी शामिल है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी का सांसद, विधायक और कलेक्टर के साथ उठना बैठना है जिसके चलते प्रशासन की कार्रवाई नहीं होती। बघेल ने आगे कहा कि पहले नशा पंजाब और अन्य राज्यों से सप्लाई होता था, लेकिन अब दुर्ग जिले में ही अफीम की खेती शुरू हो गई है और इसकी नेटवर्क कितनी फैली है, इसकी जांच होनी चाहिए है। भूपेश बघेल ने ये बातें समोदा गांव के खेत में पहुंचकर कही।
विनायक ताम्रकार के निलंबनको लेकर दीप्ती सीएम अरुण साव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोई भी हो, गैरकानूनी काम करने वाले पर कार्रवाई होगी। कांग्रेस के आरोपों पर डिप्टी CM अरुण साव ने कहा कि ‘अपराध और अपराधियों को संरक्षण कांग्रेस पार्टी देती है, कांग्रेस का अपराध के साथ संलिप्तता जग ज़ाहिर है। कांग्रेस राज्यसभा प्रत्याशी को लेकर भाजपा का पोस्टर पर अरुण साव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि BJP ने कांग्रेस की वास्तव स्थिति को देख पोस्ट किया है। कई कांग्रेस नेताओं के अरमान पूरे नहीं हुए हैं फूलो देवी नेताम कांग्रेस नेताओं पर भारी पड़ीं हैं कांग्रेस में परिवार की चलती है यह भी साबित हुआ है।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और भाजपा विधायक मोतीलाल साहू के साथ विनायक ताम्रकर।
बता दें कि पुलिस को अफीम की सूचना मिलने के बाद 6 मार्च को खेत में रेड की गई, जिसमें करीब डेढ़ एकड़ में अफीम के पौधे मिले हैं। मामला समोदा गांव का है, जहां भाजपा किसान मोर्चा के नेताओं के खेत में चोरी-छिपे अफीम की खेती की जा रही थी।इस पर भाजपा नेता विनायक का कहना है कि उन्हें अफीम की खेती की कोई जानकारी नहीं थी और जमीन अधिया (आधी फसल) पर दी गई थी।
भाजपा नेता विनायक ताम्रकर ने कार्रवाई को द्वेषपूर्ण बताया है। उनके मुताबिक जिस जमीन को लेकर मामला बनाया जा रहा है, वह उनकी नहीं है और उनकी असली जमीन समोदा गांव में है। उनका नाम बिना वजह उछाला जा रहा है।
उन्होंने समोदा के सरपंच अरुण गौतम पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि सरपंच ने आपराधिक छवि छिपाने के लिए गलत तरीके से नामांकन भरा था, जिसकी शिकायत उन्होंने पहले एसडीएम कार्यालय में की थी। ताम्रकर ने यह भी बताया कि दस साल पहले उनकी पत्नी सरपंच थी और उस समय रेत रॉयल्टी के 23 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया था।
जिस पर कार्रवाई के बाद 23 लाख की रिकवरी हुई और उन्हें छह साल के लिए सस्पेंड किया गया था। उनका कहना है कि इसी पुरानी शिकायत और व्यक्तिगत द्वेष के कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है।

