भूपेश बघेल फेक एआई वीडियो पर महिला आयोग ने बड़ा एक्शन लिया है.
रायपुर: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से वायरल हो रहे फेक और एआई आधारित आपत्तिजनक वीडियो पर सियासी घमासान मचा हुआ है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने स्वत संज्ञान लिया है. राज्य महिला आयोग ने पुलिस और साइबर सेल को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. आयोग ने कहा है कि यह एक शरीफ व्यक्ति की छवि धूमिल करने का प्रयास है बल्कि महिला सम्मान पर भी यह सीधा हमला है.
मीडिया की खबरों के आधार पर संज्ञान
इस मुद्दे को लेकर मीडिया में खबर प्रकाशित हुई थी, जिसमें फेक और AI को लेकर बवाल और एसपी को अल्टीमेटम देने की बात सामने आई थी इसी आधार पर महिला आयोग ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए स्वत संज्ञान लिया है .
आयोग के मुताबिक आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल कर भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो तैयार किया गया है. इससे न केवल भूपेश बघेल की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है बल्कि इसमें शामिल सामग्री से महिला समाज की गरिमा भी आहत हुई है
महिला एवं साइबर सेल को पत्र लिखकर वीडियो की तकनीकी जांच के निर्देश महिला आयोग ने दिए हैं. इसमें वीडियो के मूल स्रोत का पता लगाने और इसे वायरल करने वाले लोगों या गिरोह की पहचान करने पर जोर दिया गया है.
छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने दुर्ग जिले के पुलिस अधीक्षक को तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए ताकि डिजिटल अपराध करने वालों के लिए यह एक उदाहरण बने.
महिला आयोग ने पुलिस और साइबर सेल को 7 दिनों के भीतर पूरी जांच रिपोर्ट पेश करने का अल्टीमेटम दिया है. आयोग ने संकेत दिए हैं कि समय सीमा का पालन नहीं होने पर और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं.
महिला आयोग ने कड़े शब्दों में कहा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर किसी की छवि और महिला सम्मान को ठेस पहुंचाना अक्षम्य अपराध है. आयोग ने चेतावनी दी है ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
फेक एआई वीडियो के इस मामले ने एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं. इसके साथ साथ महिला सम्मान और अस्मिता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं. अब देखना होगा की जांच में कितनी तेजी और सख्ती दिखती है.

