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पेपर लीक पर भूपेश बघेल बोले- कानून का डर नहीं:सिस्टम में ही गड़बड़ी

भिलाई पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिक्षा, पेपर लीक, स्कूलों की हालत, शिक्षक भर्ती और बढ़ती महंगाई को लेकर भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए केवल कानून को कड़ा करना काफी नहीं है। पूरी व्यवस्था में बदलाव करना होगा, तभी इस तरह की घटनाओं पर रोक लगेगी।

पेपर लीक को लेकर बघेल ने राहुल गांधी के गूंज कार्यक्रम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक करने वालों में कानून का डर इसलिए नहीं है, क्योंकि व्यवस्था में ही कई जगह गड़बड़ी है। छत्तीसगढ़ में भी लगातार पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की परीक्षा के मामले में भी पेपर लीक की शिकायत सामने आई है। जांच में यह बात सामने आई कि प्रश्नपत्र के करीब 70 प्रतिशत सवाल लीक हुए प्रश्नपत्र से मिलते थे। इसके बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी।

बघेल ने कहा कि पेपर लीक का सीधा असर उन युवाओं पर पड़ता है, जो महीनों तक मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं। एक पेपर लीक होने से केवल परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि हजारों युवाओं का समय, पैसा और भविष्य दांव पर लग जाता है। ऐसे में सरकार को यह देखना होगा कि प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के दौरान कहां और कैसे सुरक्षित रखा जाता है

स्कूलों की हालत को लेकर बघेल ने अपनी सरकार के समय शुरू किए गए कामों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने स्कूलों की मरम्मत और सुधार के लिए करीब 1800 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इसमें करीब 1100 करोड़ रुपये जारी भी हो चुके थे। पुराने भवनों की मरम्मत, नए कमरे बनाने, रंग-रोगन और दूसरी जरूरी सुविधाओं पर काम चल रहा था। बघेल का दावा है कि सरकार बदलने के बाद बाकी राशि का काम रोक दिया गया। हालिया बयान में उन्होंने करीब 1807 करोड़ रुपये के प्रावधान और करीब 1191 करोड़ रुपये खर्च होने की बात भी कही है

पूर्व  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज भी दुर्ग, राजनांदगांव, खैरागढ़, कवर्धा और सक्ती सहित कई जिलों में बच्चे और युवा स्कूलों की हालत और शिक्षकों की कमी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। बघेल ने कहा कि जिस स्कूल में शिक्षक और ठीक भवन नहीं होगा, वहां बच्चों को अच्छी पढ़ाई का माहौल कैसे मिलेगा। बच्चे अब अपने अधिकारों की लड़ाई सड़कों पर लड़ रहे हैं।

 शिक्षक भर्ती को लेकर भी बघेल ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय करीब 30 हजार शिक्षकों की भर्ती की गई थी, जबकि अभी भर्ती को लेकर युवाओं में निराशा है। उनका कहना था कि एक तरफ बड़ी संख्या में युवा शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं और दूसरी तरफ स्कूलों में शिक्षकों की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं।

महंगाई पर बोले- घर चलाना मुश्किल बघेल ने बिजली, पेट्रोल-डीजल, शक्कर, प्याज और खाद्य तेल की कीमतों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की जरूरतों का सामान महंगा होने से आम परिवार का खर्च बढ़ गया है। जनता महंगाई की मार झेल रही है और सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।

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