बारिश के बाद उफनते नाले के किनारे एक पिता की आंखों के सामने उसका 7 साल का मासूम बेटा पानी में बह गया। पिता लोगों से मदद की गुहार लगाता रहा—“मेरे बेटे को बचाओ… पानी में गिर गया है, मिल नहीं रहा… पुलिस और लोगों को बुलाओ।” लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद मासूम की जान नहीं बच सकी।जानकारी के मुताबिक घटना रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र की है। श्रद्धा बिहार निवासी लक्ष्मी नारायण अपनी बेटी और 7 वर्षीय बेटे के साथ डूमरतराई इलाके में स्थित नाले में पूजा सामग्री विसर्जित करने पहुंचे थे। तेज बारिश के बाद नाले में पानी काफी बढ़ गया था।बताया जा रहा है कि रिंग रोड पर कमल होटल के पास लक्ष्मी नारायण अपने दोनों बच्चों को खड़ा कर नाले में पूजा सामग्री विसर्जित कर रहे थे। इसी दौरान उनका बेटा शाश्वत पानी देखकर नाले के किनारे पैर धोने लगा। अचानक उसका पैर फिसला और वह तेज बहाव में नाले में जा गिरा।बेटे को पानी में बहता देखकर पिता घबरा गए और मदद के लिए आसपास मौजूद लोगों से गुहार लगाने लगे। घटना स्थल से करीब 20 मीटर दूर मौजूद स्थानीय लोगों ने बच्चे को पानी में बहते देखा और तत्काल उसे बाहर निकाला।इसके बाद शाश्वत को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
रायपुर में पिता-बहन के सामने नाले में डूबा७साल का मासूम
जशपुर पुलिस की वर्दी में बॉलीवुड गाने पर रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करना फरसाबहार थाना प्रभारी कोमल नेताम को महंगा पड़ गया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जशपुर डीआईजी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने कार्रवाई करते हुए टीआई कोमल नेताम को फरसाबहार थाने से हटाकर लाइन अटैच कर दिया है।बताया गया कि थाना प्रभारी कोमल नेताम ने पुलिस की वर्दी में बॉलीवुड गाने पर रील बनाई थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। वीडियो को लेकर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और वर्दी में सोशल मीडिया कंटेंट बनाने को लेकर भी सवाल उठने लगे।सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया। जशपुर डीआईजी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने मामले में कार्रवाई करते हुए कोमल नेताम को फरसाबहार थाना प्रभारी के पद से हटा दिया और उन्हें लाइन अटैच करने का आदेश जारी किया।
छत्तीसगढ़ के रीलबाज थाना प्रभारी पर बड़ा एक्शन.
छत्तीसगढ़ में करीब 36 घंटे हुई बारिश के बाद कई जगह हालात बिगड़े हुए हैं। कवर्धा जिले के अमरौड़ी गांव में संकरी नदी किनारे बना PM आवास तेज बहाव की चपेट में आकर पूरी तरह ढह गया और देखते ही देखते नदी में बह गया। इसका वीडियो वायरल हो रहा है।इधर रायपुर के कई रिहायशी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। महादेवघाट पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। घाट किनारे बसे 120 परिवारों का रेस्क्यू किया गया है। हालात को देखते हुए यहां आज मूर्ति विसर्जन पर रोक लगा दी गई है। कल सुबह फिर विसर्जन किया जाएगा।इंद्रप्रस्थ कॉलोनी का पूरा इलाका पानी में डूब गया था। सुरक्षा के चलते यहां की बिजली काटी गई थी। वहीं, बिलासपुर की अरपा नदी में गणेश विसर्जन के दौरान 2 बच्चे बह गए, जिनकी तलाश की जा रही है।दक्षिण छत्तीसगढ़ बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित है। जगदलपुर के चिवनी, भाटी और लालबाग इलाकों में बाढ़ से लोगों के घरों का राशन बह गया। 100 से ज्यादा प्रभावितों को राहत शिविर में रखा गया है। बस्तर में सड़कें डूबी हुई हैं। 6 ट्रेनें और एक फ्लाइट कैंसिल की गई हैं। रायपुर-जगदलपुर हाईवे बंद है, ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। हालात को देखते हुए आज प्रदेशभर के सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई।
कवर्धा में संकरी नदी में बहा PM आवास
दुर्ग के लुचकी तालाब इलाके में एक नाबालिग लड़की का शव संदिग्ध हालत में मिलने से हड़कंप मच गया। नाबालिग एक घर में एक युवक के साथ पति-पत्नी के साथ रह रही थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं, जबकि एक संदिग्ध के फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत की वजह पता लगाने में जुटी है।पुलिस के अनुसार, लुचकी तालाब इलाके के वार्ड क्रमांक 7 में एक घर के अंदर एक नाबालिग लड़की की लाश संदिग्ध हालत में पड़े होने की सूचना मिली। इसके बाद कोतवाली थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर पुलिस अधीक्षक हर्षित मेहर ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।पुलिस ने घर और आसपास के इलाके को जांच के दायरे में लिया है। मौके से जरूरी सबूत जुटाए जा रहे हैं और घटनास्थल की स्थिति की भी जांच की जा रही है।
दुर्ग में नाबालिग का संदिग्ध शव मिला:युवक के साथ पति-पत्नी की तरह रह रही थी लड़की;
राजधानी रायपुर के कालीबाड़ी स्थित मातृ-शिशु अस्पताल में मरीजों की देखभाल में लापरवाही का मामला सामने आया है। सुरक्षा में तैनात गार्ड गर्भवती महिलाओं को ड्रिप लगाते और कैनुला निकालते नजर आ रहा है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है इस दौरान अस्पताल में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मौजूद थे। बातचीत में गार्ड नागेश्वर प्रसाद कश्यप ने कहा कि, उसने किसी मरीज को कैनुला नहीं लगाया। नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था थी, इसलिए नर्स के कहने पर सिर्फ ड्रिप की कैपिंग की थी। वहीं, डॉक्टर डॉ भेनुज सिन्हा ने कहा कि यह गलत है, गार्ड को नोटिस देंगे।

