Homeछत्तीसगढ़साल की आखिरी नेशनल लोक अदालत में हुआ; 227 मामलों का निपटारा

साल की आखिरी नेशनल लोक अदालत में हुआ; 227 मामलों का निपटारा

तिल्दा नेवरा-जिला न्यायालय रायपुर के तहसील स्तरीय न्यायालय तिल्दा नेवरा में शनिवार को साल की आखिरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक ऋण विवाद, सड़क दुर्घटना (मोटर दुर्घटना दावा), बिजली बिल बकाया, लंबित चालान भुगतान, चेक बाउंस जैसे सिविल व फौजदारी मामलों की सुनवाई कर  सिविल व अन्य राजी नामा योग्य कई प्रकार के प्रकरणों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित निराकरण किया गया.लोक अदालत शुरू होते ही न्यायालय परिसर में सुबह से ही बड़ी संख्या में वादकारी पहुंचे थे ।

इस मौके पर न्यायालय परिसर में पंजाब बैंक कनेरा बैंक .केन्द्रीय ग्रामीण बैंक .नगरपालिका के अधिकारियों ने ऋण धारकों के साथ समझौता कर बकाया राशि वसूल की। इसके अतिरिक्त, दूरसंचार विभाग से संबंधित बकाया मामलों में भी वसूली की कार्रवाई की गई।

इसके पहले नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ तिल्दा न्यायालय के न्यायाधीश भावेश कुमार वटी, ने  मां सरस्वती की पूजा अर्चना एवं दीप प्रज्वलित कर किया । इस अवसर पर अधिवक्ता राम वाधवा, दिलीप देवांगन ,शिवकुमार तिवारी, घनश्याम वर्मा, अमन वाधवा, मनोहर साहू ,गायत्री वर्मा, मंजू तिवारी,और सरस्वती जांगड़े विशेष रूप से उपस्थित थे।

नेशनल लोक अदालत में क्रिमिनल के 07, चेक बाउंस संबंधी 07, ट्रैफिक चालान 227, जलकर संपत्तिकर संबंधी 12 वह अन्य 32 केस सहित कुल 425 प्रकरण रखे गए। इनमें से 287 का तत्काल निराकरण किया गया। नायब नाजिर मोहनलाल कंवर. रीडर गोपाल देवांगन. चिरंजीव साहनी. सुरेश यादव .कर्मचारी उपस्थित हथे

अधिवक्ता राम वाधवा ने कहा लोक अदालत में लंबी कानूनी प्रक्रिया के बिना समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण किया जाता है, जिससे वादकारियों का समय और धन दोनों बचता है। न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों के निर्णय अंतिम होते हैं और इनके खिलाफ अपील का कोई प्रावधान नहीं होता।

अधिवक्ता दिलीप देवांगन ने बताया कि लोगों से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की गई थी । राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम जनता को त्वरित, सरल और सस्ता न्याय उपलब्ध कराना है। प्रशासन ने देर शाम तक अधिकांश वादों के निस्तारण का दावा किया है।

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