छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के करमागढ़ स्थित मां मानकेश्वरी देवी मंदिर में शरद पूर्णिमा पर 500 साल पुरानी बल पूजा की परंपरा निभाई गई। रायगढ़ राजपरिवार की कुलदेवी के इस मंदिर में मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु बकरे लेकर पहुंचे। इस बार करीब 50 से 60 बकरों की बलि दी गई।पूजा के दौरान बैगा के बकरों का खून पीने का वीडियो भी सामने आया है। समिति के सदस्यों और यहां मौजूद श्रद्धालुओं के मुताबिक, इस दिन बैगा के शरीर में देवी आतीं हैं और वो बलि दिए गए बकरों का खून पीती हैं।बल पूजा से एक रात पहले निशा पूजा की जाती है। इस दौरान राजपरिवार की ओर से बैगा के अंगूठे में नवरत्न की अंगूठी पहनाई जाती है, जो पूजा के दिन कस जाती है।रायगढ़ के अलावा ओडिशा और दूर-दराज के गांवों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु बकरा चढ़ाते हैं।
60 बकरों की बलि, बैगा ने पिया खून 500 साल पुरानी परंपरा
गुजरात के छोटा उदेपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पिता और बेटे के रिश्ते को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक पिता ने अपने ही 8 साल के मासूम बेटे की गला घोंटकर हत्या कर दी. इसके बाद बच्चे के शव को ओरसंग नदी के पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया. बेटे की जान लेने के बाद पिता ने खुद के गले पर भी ब्लेड मारकर आत्महत्या करने की कोशिश की. गंभीर रूप से घायल पिता को पहले प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर वड़ोदरा के एसएसजी अस्पताल भेज दिया गया. वहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. यह घटना छोटा उदेपुर जिले के पावी जेतपुर तालुका के सुस्कल गांव में ओरसंग नदी के किनारे हुई. पुलिस की शुरुआती जांच में पारिवारिक परिस्थितियों और मानसिक तनाव को घटना की वजह माना जा रहा है. बच्चे की मां पहले ही घर छोड़कर चली गई थी. इसके बाद पिता अपने बेटे के साथ.अकेले रह रहा था
पिता ने 8 साल के बेटे का गला घोंटा, नदी में फेंका
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी अगला चुनाव छत्तीसगढ़ से लड़ने वाली हैं। अंबिकापुर स्थित राजीव भवन में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा को राज्य में इस बार अपनी जीत की संभावना नजर नहीं आ रही है, इसी कारण स्मृति ईरानी को यहां आगे किया जा रहा है।स्मृति ईरानी को दो राज्यों का प्रभार मिलने के सवाल पर सिंहदेव ने इसे भाजपा का अंदरूनी मामला बताया। इसके साथ ही उन्होंने स्मृति ईरानी से सवाल पूछा कि उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ते समय शक्कर का भाव क्या था और आज उनकी पार्टी की सरकार ने इसका भाव कहां पहुंचा दिया है।

