छत्तीसगढ़ की साय सरकार की अहम कैबिनेट बैठक आज खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में किसानों, बिजली, सार्वजनिक परिवहन, योग, राशन व्यवस्था और खनन क्षेत्र से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है। आइए जानते हैं कैबिनेट के प्रमुख निर्णय…
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ के जरिए स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इससे आम निवेशकों को कंपनी में निवेश का मौका मिलेगा और कंपनी की वित्तीय क्षमता व पारदर्शिता बढ़ेगी।
किसानों के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया है। खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी गई है। धान के बजाय दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलें उगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य फसल विविधीकरण और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्डधारियों को चना वितरण की व्यवस्था भी जारी रहेगी। कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चना खरीद और वितरण की निरंतरता बनाए रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
योग को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब योग विषय समाज कल्याण विभाग के बजाय चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन रहेगा। इससे योग शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर संचालन हो सकेगा।
प्रदेश के चार बड़े शहरों रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता भी साफ हो गया है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
नवा रायपुर अटल नगर के विकास को गति देने के लिए भूमि खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में मिलने वाली छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है।
खनन क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और अवैध खनन पर लगाम कसने के लिए खनिज परिवहन वाहनों में RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही खनिजों के ग्रेड और मात्रा के आकलन के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
कुल मिलाकर साय कैबिनेट की इस बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, निवेश को प्रोत्साहन देने और खनन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने जैसे कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिनका असर प्रदेश के विकास और आम जनता पर सीधे तौर पर देखने को मिलेगा।

