रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के लिए जारी दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगर निगम आयुक्तों तथा नगर पालिका और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी करते हुए नई किस्त व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। खास बात ये है कि अब हितग्राही को कुल 2.50 लाख रुपये का केंद्रीय-राज्य अनुदान चार चरणों में दिया जाएगा।
नए निर्देशों के अनुसार भू-तल पर नए मकान निर्माण की स्थिति में हितग्राही को कुल 2.50 लाख रुपये का केंद्रीय-राज्य अनुदान चार चरणों में दिया जाएगा। फाउंडेशन पूरा होने पर 1 लाख रुपये, लिंटल स्तर तक निर्माण पर 50 हजार रुपये, छत निर्माण पर 50 हजार रुपये और कार्य पूर्ण होने पर 50 हजार रुपये की अंतिम किस्त जारी की जाएगी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत 32,850 रुपये अलग से दिए जाएंगे। इस प्रकार कुल सहायता राशि 2,82,850 रुपये होगी।
इसी तरह भू-तल और प्रथम तल वाले नए निर्माण के लिए भी 2.50 लाख रुपये का अनुदान चार चरणों में मिलेगा। इसमें फाउंडेशन पर 1 लाख रुपये, भू-तल की छत बनने पर 50 हजार रुपये, प्रथम तल की छत बनने पर 50 हजार रुपये तथा निर्माण पूरा होने पर 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना की राशि जोड़कर कुल सहायता 2,82,850 रुपये होगी।
आदेश में कहा गया है कि वास्तुविद या इंजीनियर द्वारा भवन अनुज्ञा, मानचित्र अनुमोदन, निर्माण की चरणबद्ध निगरानी, जियो-टैगिंग तथा कार्य संपादन से जुड़े प्रत्येक प्रकरण के लिए अधिकतम 6,150 रुपये प्रति आवास का शुल्क मान्य होगा। यह राशि राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।विभाग ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार द्वारा स्वीकृत बेनिफिशियरी मैपिंग में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। जिस हितग्राही के लिए केंद्र या राज्य सरकार द्वारा किस्त स्वीकृत और जारी की गई है, राशि उसी के खाते में हस्तांतरित करनी होगी। किसी अन्य लाभार्थी के साथ राशि का समायोजन या प्रतिस्थापन स्वीकार्य नहीं होगा।
सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिया गया है कि वे एसएनए-स्पेश प्रणाली के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अनुदान की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित करें। साथ ही, संबंधित निर्माण चरण के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग केवल उसी हितग्राही और उसी निर्माण स्तर के लिए किया जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि तेजी से निर्माण कार्य पूरा करने वाले हितग्राहियों के लिए अतिरिक्त मांग पत्र के आधार पर राशि तभी जारी की जाएगी, जब संबंधित किस्त की राशि भारत सरकार से प्राप्त हो जाए।
क्या है महत्व ?
नए निर्देशों का उद्देश्य पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत आवास निर्माण की प्रगति के अनुरूप पारदर्शी भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित करना, लाभार्थियों की पहचान में किसी प्रकार की गड़बड़ी रोकना तथा अनुदान राशि को सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना है। इससे योजना के क्रियान्वयन में जवाबदेही बढ़ने और निर्माण कार्यों की निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है।

