‘सड़कों की खोज’ प्रतियोगिता में सही सड़क बताने वाले को मिलेगा पुरस्कार, गड्ढों और जलभराव से शहरवासी परेशान
तिल्दा-नेवरा-शहर की बदहाल सड़कों ने अब लोगों का गुस्सा सड़क पर ला दिया है। शहर की शायद ही कोई प्रमुख सड़क या गली ऐसी बची हो, जहां गड्ढों की भरमार न हो। बारिश के बीच जगह-जगह जलभराव और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने से हालात और बदतर हो गए हैं। शहरवासियों का सवाल है—आखिर कब तक नारकीय हालात में जीना पड़ेगा?
कल से गणपति बप्पा का 10 दिवसीय महोत्सव शुरू होने जा रहा है। ऐसे में सड़कों की बदहाली और जलभराव ने श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि बारिश और गंदगी के बीच यदि सड़कों की यही स्थिति रही तो गणपति पंडालों और मंदिरों तक पहुंचना भी मुश्किल होगा। बारिश ने वैसे ही शहर की रौनक फीकी कर दी है, ऊपर से टूटी सड़कें और गंदगी लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं।
कांग्रेस ने निकाला अनोखा विरोध का तरीका
सड़कों की स्थिति को लेकर कांग्रेस ने अब सरकार और नगर पालिका प्रशासन पर तंज कसते हुए अनोखे अंदाज में विरोध करने का निर्णय लिया है। कांग्रेस शहर अध्यक्ष अजितेश शर्मा ने बताया कि पार्टी जल्द ही ‘सड़कों की खोज’ नाम से निबंध एवं फोटो प्रतियोगिता आयोजित करेगी। इसमें शहर का कोई भी व्यक्ति भाग ले सकेगा।
कांग्रेस की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि शहर में रहने वाला कोई भी व्यक्ति यदि मुख्य सड़कों या गलियों में एक ऐसी सड़क दिखा दे, जो पूरी तरह सही-सलामत हो, तो उसे पार्टी की ओर से पुरस्कार दिया जाएगा। प्रतियोगिता की तारीख और मोबाइल नंबर जल्द जारी किए जाएंगे। प्रतिभागी अपने फोटो अथवा लिखित निबंध के माध्यम से अपनी बात रख सकेंगे।
‘करोड़ों खर्च, फिर भी सड़कें बदहाल’
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शहर की सड़कों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। शहर की प्रमुख सड़कें—स्टेशन चौक से दुर्गा मंदिर तथा दीनदयाल चौक से सिंधी कैंप होते हुए अग्रसेन चौक तक—गड्ढों से भरी पड़ी हैं। कांग्रेस का दावा है कि इन सड़कों पर एक-दो नहीं, बल्कि सैकड़ों गड्ढे हैं, लेकिन जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं है।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि गड्ढों की मरम्मत के नाम पर गुणवत्ता से समझौता किया गया। कांग्रेस के अनुसार डामरीकरण वाली सड़कों के गड्ढों में मुरुम और निर्माण कार्यों से निकला मलबा डालकर खानापूर्ति की गई, जो बारिश के बाद फिर उखड़ गया।
पुराना पेट्रोल पंप मार्ग पर घुटनों तक पानी
पुराना पेट्रोल पंप वाली सड़क पर जलभराव की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। यहां बारिश के पानी के साथ नालियों का गंदा पानी भी सड़कों पर बह रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पालिका प्रशासन को लगातार समस्या से अवगत कराने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
इस संबंध में सीएमओ से चर्चा की गई, जिस पर उन्होंने बारिश खत्म होने के बाद सड़कों की व्यवस्थित मरम्मत कराने की बात कही है।
‘टैक्स लेते हैं तो सुविधाएं क्यों नहीं?’
शहरवासी भी अब खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। स्थानीय निवासी राजू राजपाल ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि शहर में ऐसे बुरे दिन देखने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यदि लोग टैक्स नहीं पटाते हैं तो नालों के कनेक्शन काट दिए जाते हैं और सफाई संबंधी शुल्क नहीं देने पर सफाई व्यवस्था रोक दी जाती है। लेकिन नगर पालिका होने के बावजूद शहर में पसरी गंदगी और बदहाल सड़कों की सफाई व मरम्मत नहीं हो रही है, तो आखिर जनता अपनी फरियाद लेकर कहां जाए?
उन्होंने कहा, “पब्लिक सब जानती है। अंदर क्या है और बाहर क्या है, सब कुछ पहचानती है। यह पब्लिक है।”
गणेश उत्सव शुरू होने से पहले शहर की सड़कों और नालियों की स्थिति ने नगर पालिका की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन केवल बारिश थमने का इंतजार करता है या त्योहार से पहले लोगों को राहत देने के लिए तत्काल कोई ठोस कदम उठाता है।

