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tilda.पिछले विधानसभा चुनाव की तरह. इस बार भी बलौदाबाजार विधानसभा में होगा; त्रिकोणीय संघर्ष…

इंदर कोटवानी

सबकी जुबान पर एक ही चर्चा,बलौदा बाजार विधानसभा क्षेत्र से भाजपा-कांग्रेस से प्रत्याशी कौन होगा…

तिल्दा नेवरा-छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी बदलने होड़ सी लगी हुई है,कांग्रेस छोड़ कई नेता भाजपा प्रवेश कर चुके है, इनमे कुछ कांग्रेसी टिकट की शर्त पर भाजपा में आए हैं, तो कुछ नेताओ ने  पार्टी में तवज्जो न मिलने के कारण पार्टी को छोड़ दिया.. इसी प्रकार कई भाजपा नेताओं ने भी पाला बदलकर कांग्रेस में प्रवेश किया है। लेकिन बलौदा बाजार विधानसभा से 2018 में जोगी कांग्रेस से विधायक बने प्रमोद शर्मा जो कि अजीत जोगी के निधन हो जाने के बाद से पार्टी से दूरी बनाकर चल रहे थे,उसके बाद से लगातार भाजपा के गुणगान करते दिख रहे थे..। प्रमोद शर्मा ने कई बार खुलकर भी बोला था कि वे जल्द ही भाजपा प्रवेश करेंगे.. लेकिन उनका भाजपा में प्रवेश नहीं हो सका.|.अब इस बात की भी चर्चा है कि वे जल्द ही कांग्रेस में जाने वाले हैं, लेकिन वे अभी तक कांग्रेस के नहीं हो पाए हैं.|.।दूसरी तरफ वे बलौदा बाजार विधानसभा क्षेत्र में कई कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं और वे कार्यकर्ताओं से संपर्क कर उनसे पूछ रहे हैं कि वे किसी पार्टी में शामिल होकर चुनाव लड़े या फिर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी किस्मत आजमाएं|अब सवाल यह उठता है कि,आखिर दोनों राष्ट्रीय पार्टीया बीजेपी और कांग्रेस प्रमोद शर्मा को साथ रखने में क्यों मौन धारण किए हुए है ।

क्या प्रमोद शर्मा पार्टी प्रवेश करने के लिए टिकट देने की शर्त रख रहे हैं ? या भाजपा और कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता उनका विरोध कर रहे हैं ? प्रमोद शर्मा के समर्थकों का कहना है कि पम्मू भैया तो चुनाव लड़ेंगे..।अगर उनके समर्थकों की बातों में दम है तो इस बार फिर बलौदा बाजार विधानसभा क्षेत्र में भाजपा-कांग्रेस में सीधा नहीं बल्कि त्रिकोणीय मुकाबला होगा।

बलोदा बाजार विधानसभा क्षेत्र से भाजपा और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशी नए चेहरे होंगे ऐसी पूरी संभावना है।कांग्रेस से छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।इसी तरह पिछला चुनाव काफी कम वोटो से हारने वाले जनकराम वर्मा भी मजबूत दावेदार हैं,पूर्व सांसद छाया वर्मा भी लगातार क्षेत्र में सक्रिय है।यदि पिछली हार को देखते हुए,यदि पार्टी ने नए चेहरे पर जोर दिया तो सत्यनारायणशर्मा की तरह जनकराम भी उत्तराधिकारी के रूप में अपने पुत्र जिला पंचायत अधय्श का नाम सामने करेंगे।ऐसे यह तय माना जा रहा है कि कांग्रेस का प्रत्याशी इन तीनों में से एक होगा।
भाजपा में टिकट मांगने वालों की फेहरिस्त काफी लंबी है।2013 में भाजपा ने लक्ष्मी बघेल को लगातार दूसरी बार प्रत्याशी बनया था और वो चुनाव हार गई थी , 2018 में नए चेहरे के रूप में टेशुराम धुरंधर पर दाव लगाया और वो अपना पहला चुनाव हर गाए ,इस बार भाजपा फिर से नए चेहरे दाव लगाने वाली है. ऐसे में क्षेत्र में हमेशा सक्रिय रहने वाली जिला पंचायत सदस्य अदिति बघमारकि लाटरी खुल सकती है,2 महीने पहले भाजपा प्रवेश करने वाले छत्तीसगढ़ी सिनेमा जगत के हीरो अनुज शर्मा ने भाजपा प्रवेश किया है वो भी पार्टी के लिए नया चेहरा हो सकता है..आरएसएस के पसंद के चेहरे को टिकट दी गई तो होड्स कश्यप को भाजपा से टिकट दी जा सकती है।बलौदा बाजार क्षेत्र में भाजपा के सात मंडल हैं. इनमें पांच मंडल ऐसे हैं जिनके द्वारा हाई कमान को सुझाए नाम की सौपी गई लिस्ट में दो भाजपा नेताओं के नाम नहीं है उनमें से एक टेशू राम धुरंधर है. और दूसरे वर्तमान में भाजपा के जिला अध्यक्ष हैं. हालांकि दो मंडलों के द्वारा जो नाम दिए हैं गए हैं उनमें इन दोनों के नाम शामिल जिसमे जिला अध्यक्ष का नाम ऊपर है.।बताया जाता है कि कई नेताओं को पार्टी ने सर्वे रिपोर्ट का आधार देकर इशारों में समझा दिया है। या फिर यह कहा जाए की टिकट काटने का आधार तैयार कर लिया है।

ऐसे बलोदा बाजार विधानसभा में भजपा की सीट भाजपा के सात बार सांसद रहे सांसद रमेश के पसंद पर ही पार्टी प्रत्याशी का चयन करती है,लेकिन इस बार श्री बैस राज्यपाल के पद पर आसीन है। बावजूद चर्चा है कि इस बार भी उन्हीं की रमेश बेस कि पसंद पर ही भाजपा प्रत्याशी घोषित करेगी। बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र से लगातार दो चुनाव हारने वाली भाजपा इस बार हर हालत में इस सीट को अपनी झोली में लाने की कोशिश में है..इसीलिए प्रत्याशी चयन को लेकर पार्टी काफी गंभीर है।बलौदा बाजार विधानसभा क्षेत्र में सबकी जुबान पर एक ही चर्चा हो रही है बलौदा बाजार विधानसभा क्षेत्र से भाजपा कांग्रेस का प्रत्याशी कौन होगा.

इंदर कोटवानी कि कलम से …अब हर रविवार को पढ़िए और सुनिए- ब्यूरोक्रेसी, राजनीति से जुड़े अनसुने किस्से I

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