छत्तीसगढ़

चंद्र ग्रहण के बाद महाकाल मंदिर का पवित्र नदियों के जल से शुद्धिकरण, फिर हुई भस्म आरती

उज्जैन। चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद रविवार सुबह पुजारियों ने महाकाल मंदिर का पवित्र नदियों के जल से शुद्धिकरण किया। इसके बाद भस्म आरती हुई। बड़ी संख्या में भक्त महाकाल के दर्शन को पहुंचे। आज से कार्तिक मास.शुरू हो गया है अब शिप्रा स्नान व दीपदान होगा।

भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति के लिए सर्वोत्तम कार्तिक मास आज से शुरू हो गया है। इस पुण्य पवित्र मास में उज्जैन में शिप्रा स्नान, तुलसी शालिग्राम का पूजन तथा भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों में दीपदान का विशेष महत्व है। इस माह में यम के निमित्त दीपदान करने से अकाल मृत्यु व अज्ञात भय का खतरा नहीं रहता है। कार्तिक मास में करवाचौथ, दीपावली, वैकुंठ चतुर्दशी जैसे अनेक प्रमुख त्योहार मनाए जाएंगे।

बताया जाता है कि कार्तिक मास में तीर्थ स्नान, तुलसी शालिग्राम का पूजन, दीपदान तथा भजन कीर्तन करने से जन्म जन्मांतर के पापों का क्षय हो जाता है। कार्तिक मास में सूर्यास्त के बाद घर की छत पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तिल्ली के तेल का दीपक लगाने से यमराज की कृपा तथा परिवार के सदस्यों को आयु आरोग्य की प्राप्ति होती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button