ढाई साल के कामकाज की समीक्षा, मोदी सरकार के 12 साल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर बना रोडमैप
रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को सत्ता और संगठन के शीर्ष नेताओं की एक महत्वपूर्ण हाई लेवल बैठक हुई करीब पांच घंटे तक चली इस बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय, प्रदेश सरकार के ढाई साल के कामकाज की समीक्षा तथा आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वरा सभी मंत्रियों को रात 9 बजे CM हाउस बुलाया। अचानक मिले बुलावे से कई मंत्री अपने कार्यक्रम रद्द कर रायपुर पहुंचे। बैठक को लेकर मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन इसे केवल राजनीतिक अटकलें बताया गया.
जानकारी के अनुसार बैठक में सरकार के अनुसार बैठक में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने, मंत्रियों के विभागों की जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार तथा पार्टी स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को और मजबूत करने पर मंथन किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ की कानून-व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर) की स्थिति, विपक्ष के आरोपों का प्रभावी जवाब देने की रणनीति और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए समन्वित अभियान चलाने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही संगठन और सरकार के बीच तालमेल को और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
सूत्रों का कहना है कि बैठक में आगामी कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी विस्तृत रणनीति तैयार की गई, ताकि सरकार के कार्यों और योजनाओं का लाभ आम जनता तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा,मंत्री केदार कश्यप, गुरु खुशवंत साहेब, लक्ष्मी राजवाड़े, दयाल दास बघेल मंत्री टंकराम वर्मा, लखन लाल देवांगन और श्याम बिहारी जायसवाल भी बैठक में पहुंचे।

