धमतरी। जिले में पिछले कई दिनों से तेंदुए की दहशत से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित था। तेंदुआ लगातार गांवों के आसपास घूम रहा था और लोगों पर झपट्टा मारकर हमला कर रहा था। हालात ऐसे बन गए थे कि ग्रामीण घर से बाहर निकलने से पहले भी कई बार सोचने को मजबूर थे। तेंदुए के हमले में गर्भवती महिला की मौत के बाद लोगों में भय और बढ़ गया था। गांवों में दहशत का माहौल था और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।
इसी बीच नारागांव में ग्रामीणों ने एक तेंदुए को पकड़ लिया और इसकी सूचना वन विभाग की टीम को दी। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग की टीम के पहुंचने और तेंदुए को सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में लेने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
बताया जा रहा है कि तेंदुए के हमलों में अब तक 18 लोग घायल हुए हैं, जबकि एक गर्भवती महिला की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं ने ग्रामीणों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया था। लोग अकेले बाहर निकलने से बच रहे थे और गांव में सतर्कता बरत रहे थे।
ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग क्षेत्र में निगरानी बढ़ाए और लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल, नारागांव में पकड़े गए तेंदुए की पहचान और पिछले हमलों में उसकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि वन विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।

