तिल्दा-नेवरा। अखिल भारतीय अग्रवाल महिला मंडल, तिल्दा-नेवरा के तत्वावधान में शरद पूर्णिमा महोत्सव हर्षोल्लास, श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। श्री अग्रसेन भवन में आयोजित इस मनमोहक आयोजन में चांदनी रात की खूबसूरती, सखियों का आकर्षक श्रृंगार और राधा-कृष्ण के प्रेममय रास की अनुपम अनुभूति ने पूरे वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। उत्साह, उमंग और आध्यात्मिक आनंद से भरी इस शाम ने उपस्थित महिलाओं के मन में यादगार छाप छोड़ी।
शरद पूर्णिमा की पावन बेला पर आयोजित महोत्सव में भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और आपसी स्नेह का सुंदर संगम देखने को मिला। चंद्रमा की शीतल चांदनी और उत्सव की मनोहारी सजावट ने कार्यक्रम की सुंदरता में चार चांद लगा दिए। सखियों के मनमोहक श्रृंगार और राधा-कृष्ण की प्रेममयी लीलाओं की झलक ने वातावरण को वृंदावन की भक्ति और प्रेम की अनुभूति से भर दिया।
महिलाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया। यह महोत्सव केवल धार्मिक आस्था का उत्सव ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, महिला सहभागिता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संजोने का भी सुंदर माध्यम बना। ऐसे आयोजन समाज में परस्पर प्रेम, सहयोग और आत्मीयता की भावना को मजबूत करते हैं।
भक्ति, संस्कृति और उल्लास का यादगार संगम
शरद पूर्णिमा महोत्सव ने यह संदेश दिया कि भारतीय पर्व हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने के साथ-साथ समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य भी करते हैं। चांदनी रात में सजी इस भक्तिमय शाम ने श्रद्धा, सौंदर्य और आनंद के ऐसे रंग बिखेरे, जिन्हें उपस्थित महिलाएं लंबे समय तक याद रखेंगी।
अखिल भारतीय अग्रवाल महिला मंडल, तिल्दा-नेवरा का यह आयोजन धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द की सुंदर मिसाल बनकर सामने आया।

