गरियाबंद। अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर सरपंच संघ का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। गरियाबंद में सरपंच संघ ने रैली निकालकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में कटोरा लेकर भीख मांगने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन करते हुए सरपंचों ने शासन-प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शन के दौरान सरपंच तिरंगा चौक पहुंचे, जहां सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। इससे आवागमन प्रभावित हुआ और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सरपंचों का यह प्रदर्शन ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं और पंचायत प्रतिनिधियों की मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
8 महीने से करीब 30 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित होने का दावा
सरपंच संघ के मुताबिक, जिले की ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत करीब 30 करोड़ रुपये के कार्य कराए जा चुके हैं, लेकिन मजदूरी और सामग्री का भुगतान लगभग आठ महीने से अटका हुआ है। इसके अलावा मूलभूत एवं 16वें वित्त आयोग की राशि भी जारी नहीं होने से पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। निर्माण कार्यों का मूल्यांकन और सत्यापन पूरा होने के बावजूद कई कार्यों का भुगतान पांच से छह महीने से लंबित बताया गया है। उपसरपंचों और पंचों का मानदेय भी बकाया है।
सरपंच संघ ने दीपावली से पहले लंबित राशि जारी करने, पंचायतों को मूलभूत एवं वित्त आयोग की राशि उपलब्ध कराने और जनप्रतिनिधियों का बकाया मानदेय देने की मांग उठाई है। साथ ही बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग भी की गई है।
सवाल यह है कि गांवों के विकास की जिम्मेदारी संभालने वाली ग्राम पंचायतें जब खुद आर्थिक संकट से जूझ रही हैं, तो गांवों में विकास कार्यों को गति कैसे मिलेगी? कटोरा लेकर किया गया यह प्रदर्शन शासन-प्रशासन के सामने पंचायतों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है

