बोले– चुनाव जीतने पर सब ठीक, हारने पर चुनाव आयोग पर उठाते हैं सवाल; केदार कश्यप ने कहा– कांग्रेस ने केवल भ्रम फैलाया
दुर्ग-भिलाई। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा दुर्ग पहुंचे। यहां भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। नड्डा ने SIR के समर्थन में आयोजित पदयात्रा में भी हिस्सा लिया।
सभा को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि जब राजनीतिक दल चुनाव जीतते हैं तो चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग को सही बताते हैं, लेकिन हारने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगते हैं। उन्होंने कहा कि देश को ऐसी अराजकता से बचाने की जरूरत है। विपक्षी दल लोकतंत्र की दुहाई देते हैं, जबकि आपातकाल लगाने का इतिहास भी उन्हीं के सामने है। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करना उचित नहीं है।
भाषण के दौरान कम होती गई भीड़
कार्यक्रम की शुरुआत में सभा स्थल पर अच्छी-खासी भीड़ दिखाई दी, लेकिन केंद्रीय मंत्री के भाषण के दौरान कुछ लोग सभा स्थल से बाहर जाते नजर आए। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, लोगों के बाहर जाने पर गेट पर रोक लगाए जाने की स्थिति भी बनी। हालांकि, इस घटनाक्रम को लेकर आयोजकों की ओर से कोई अलग आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया।
केदार कश्यप ने कांग्रेस पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप
कार्यक्रम में प्रदेश के मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि SIR को लेकर कांग्रेस जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों में सच्चाई नहीं है। भाजपा का उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
सभा के बाद ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत SIR के समर्थन में पदयात्रा निकाली गई। इसमें भाजपा विधायक रिकेश सेन, पार्टी के जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन सहित कई जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। पदयात्रा के जरिए भाजपा नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के समर्थन में अपना पक्ष रखा।
राजनीतिक संदेश के साथ SIR पर जनसंपर्क
दुर्ग में आयोजित यह कार्यक्रम ऐसे समय हुआ है, जब SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। भाजपा इसे मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया बता रही है, जबकि कांग्रेस इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है। ऐसे में दुर्ग की पदयात्रा को भाजपा के जनसंपर्क और राजनीतिक अभियान के रूप में देखा जा रहा है।

