मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात अर्नब प्रचंड रूप से आगे बढ़ रहा है और 29 अक्टूबर को दिल्ली-NCR सहित आस-पास के कई इलाकों पर इसका . प्रभाव दिखाई दे सकता है. इसलिए करवा चौथ पर व्रती महिलाओं को चांद देखने के लिए यहां काफी प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है.
हर साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को करवा चौथ का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन सुहागनें पूरे दिन भूखी-प्यासी रहकर पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं.फिर रात को चांद देखने के बाद ही पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलती हैं. इसलिए करवा चौथ पर महिलाओं को बेसब्री से चांद निकलने का इंतजार रहता है. लेकिन चांद के दीदार का यह इंतजार इस बार और भी लंबा हो सकता है. बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान और दिल्ली-एनसीआर में काले बादल छाए रहने की आशंका है.ऐसे में संभावना है कि 29 अक्टूबर की शाम चांद काले बादलों में छिपा रहे और देर से ही दिखाई दे.
मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात अर्नब प्रचंड रूप से आगे बढ़ रहा है और 29 अक्टूबर को दिल्ली-NCR सहित आस-पास के कई इलाकों पर इसकाप्रभाव दिखाई दे सकता है. इस वजह से यहां आसमान में काले बादल छाए रह सकते हैं. गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना भी जताई जा रही है. ऐसे में संभवतदिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और मेरठ में भी इसका प्रभाव दिखाई दे सकता है. यहां रहने वालों को चांद देखने के लिए काफी प्रतीक्षा करनी पड.सकती है .
राजधानी दिल्ली में 29 अक्टूबर को करवा चौथ के दिन चंद्रमा रात करीब 8 बजकर 17 मिनट पर निकलने का अनुमान है. चंद्र दर्शन के बाद महिलाएं चंद्रमा को अर्ध्य देती हैं और फिर व्रत खोलती हैं. हालांकि, चंद्रोदय का समय हर शहर में अलग-अलग हो सकता है. बादल, मौसम में बदलाव के कारण चांद दिखाई देने में देर भी हो सकती है. ऐसे में दिल्ली के अलावा दूसरे शहरों में रहने वाली महिलाएं व्रत खोलने से पहले अपने स्थानीय चंद्रोदय का समय जरूर जांच ले.
करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त
करवा चौथ पर पूजा के लिए शुभ समय शाम 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक बताया गया है. इस अवधि में महिलाएं भगवान शिव,माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा-अर्चना कर सकती हैं. इस दौरान करवा चौथ की व्रत कथा सुनने या पढ़ने की भी परंपरा है. हालांकि, स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा के समय में अंतर हो सकता है. ऐसे में व्रत की पूजा शुरू करने से पहले अपने शहर के पंचांग में दिए गए मुहूर्त की पुष्टि जरूर कर लें.

