100 से अधिक बैंक खातों में पहुंची रकम, मोबाइल नंबर से लिंक था स्कूल का बैंक खाता; जांच के लिए केस डायरी कोलकाता भेजी गई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक निजी स्कूल के बैंक खाते से 1 करोड़ 12 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि साइबर ठगों ने स्कूल के अध्यक्ष का मोबाइल फोन गुम होने के बाद उससे जुड़े बैंक खाते का कथित तौर पर दुरुपयोग किया। इस मामले में प्रयास पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष डॉ. सचिन यादव का नाम सामने आया है। शिकायत के अनुसार, खाते के माध्यम से एक ही दिन में 1.12 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ और रकम 100 से अधिक बैंक खातों में भेजी गई।
कोलकाता में गुम हुआ था मोबाइल
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर के राजकिशोर नगर निवासी डॉ. सचिन यादव 10 अगस्त को कोलकाता गए थे। इस दौरान न्यू मार्केट थाना क्षेत्र के धर्मतला इलाके में उनका जियो सिम लगा मोबाइल फोन गुम हो गया। मोबाइल की तलाश करने के बाद उन्होंने बैंक खातों को सुरक्षित करने और सिम बंद कराने का प्रयास किया, लेकिन पहचान संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण सिम तत्काल बंद नहीं हो सका।
पहले 800 रुपये का ट्रायल ट्रांजेक्शन
बताया गया है कि 16 अगस्त को डॉ. यादव ने अपना पुराना मोबाइल नंबर दोबारा जारी कराया। अगले दिन ई-मेल की जांच करने पर उन्हें बैंक खाते में हुए संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली। स्कूल का आईसीआईसीआई बैंक खाता इसी मोबाइल नंबर से लिंक था। शिकायत के मुताबिक, 14 अगस्त को पहले 800 रुपये का ट्रायल ट्रांजेक्शन किया गया। इसके बाद खाते के माध्यम से 1.12 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ और रकम 100 से अधिक बैंक खातों में पहुंचाई गई।
खाते में थे सिर्फ 181 रुपये
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि स्कूल संचालक के अनुसार, संदिग्ध लेनदेन से पहले खाते में केवल 181 रुपये थे। लेनदेन के बाद खाते में महज 29 रुपये शेष बचे थे। आशंका जताई जा रही है कि साइबर अपराधियों ने स्कूल के खाते का इस्तेमाल अन्य स्रोतों से आई रकम को अलग-अलग खातों में भेजने के लिए किया। हालांकि, रकम के वास्तविक स्रोत और पूरे लेनदेन की प्रकृति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जांच के लिए केस डायरी कोलकाता भेजी गई
मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने जीरो पर अपराध दर्ज कर केस डायरी आगे की जांच के लिए कोलकाता के न्यू मार्केट थाने भेजी है। मोबाइल गुम होने से लेकर बैंक खाते के इस्तेमाल तक की कड़ियों की जांच की जा रही है। पुलिस की जांच में ही स्पष्ट होगा कि इस पूरे घटनाक्रम में किन लोगों की भूमिका थी और संदिग्ध रकम किन खातों से होकर गुजरी।
सावधानी: मोबाइल फोन गुम होने पर तुरंत सिम ब्लॉक कराएं, बैंक को सूचना देकर यूपीआई और नेट बैंकिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करें तथा पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं।