इंदर कोटवानी ..
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से आज पूरा देश स्तब्ध है। 75 साल की उम्र में गोवा स्थित अपने आवास पर कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि अभिनय की एक अलग पहचान थे। उनकी आवाज, संवाद बोलने का अंदाज और किरदार में जान डाल देने की कला ने उन्हें करोड़ों दर्शकों के दिलों में खास जगह दी। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनका अभिनय आज भी लोगों के जेहन में जिंदा है।
उनके जाने के बाद फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। किसी ने इसे एक युग का अंत बताया, तो किसी ने कहा कि नाना पाटेकर जैसा कलाकार दोबारा मिलना बेहद मुश्किल है।
दुनिया में जो आया है, उसे एक दिन जाना ही है… लेकिन कुछ लोग जाने के बाद भी कभी नहीं जाते। नाना पाटेकर भी उन्हीं कलाकारों में से एक हैं। पर्दा भले ही गिर गया हो, लेकिन उनके किरदार, उनकी आवाज और उनका अभिनय आने वाली पीढ़ियों तक याद किया जाता रहेगा। भारतीय सिनेमा ने आज सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि अभिनय का एक पूरा अध्याय खो दिया। नाना पाटेकर को विनम्र श्रद्धांजलि। 🕯️

