तिल्दा-नेवरा :अग्रवाल महिला मंडल का 16 दिवसीय कार्यक्रमों का रविवार को होगा शुभारंभ, ‘स्वर सनातन’ से लेकर ‘इतिहास से विरासत तक’ तक होंगे अनूठे आयोजन
तिल्दा-नेवरा
जहां आधुनिक दौर में रिश्ते मोबाइल की स्क्रीन तक सिमटते जा रहे हैं, वहीं तिल्दा-नेवरा में अग्रसेन जयंती का उत्सव रिश्तों, संस्कारों और सनातन संस्कृति को फिर से मंच पर जीवंत करने जा रहा है। अग्रसेन महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में अग्रवाल महिला मंडल के तत्वावधान में नए अग्रसेन भवन में आज रविवार से 16 दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ होने जा रहा है । उत्सव में केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि बच्चों को संस्कारों से जोड़ने, परिवार के रिश्तों की अहमियत बताने और भारतीय संस्कृति की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल की गई है।
अग्रवाल महिला मंडल की अध्यक्ष नीलम अग्रवाल ने बताया कि प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी अग्रसेन महाराज की जयंती धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। 16 दिनों तक विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
‘स्वर सनातन’ में बच्चे सुनाएंगे धार्मिक स्लोगन
रविवार को होने वाले कार्यक्रमों में ‘स्वर सनातन’ प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसमें बच्चे धार्मिक स्लोगन और सनातन संस्कृति से जुड़े संदेश प्रस्तुत करेंगे। आयोजन का उद्देश्य बच्चों को पूजा-पाठ और धार्मिक संस्कारों से जोड़ना है, ताकि आधुनिकता के बीच भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं की जड़ें मजबूत बनी रहें।
‘इतिहास से विरासत तक’ में दिखेगा गौरवशाली अतीत
दूसरे आयोजन में ‘इतिहास से विरासत तक’ थीम पर फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता होगी। इसमें बच्चे प्राचीन काल के राजा-रानी, समाजसेवी, गणितज्ञ और ऐतिहासिक एवं पौराणिक कथाओं से जुड़े पात्रों की वेशभूषा में मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे। इस आयोजन के जरिए बच्चों को देश के इतिहास और गौरवशाली विरासत से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।
‘रिश्तों का रैंप’ बनेगा सबसे खास आकर्षण
इस बार का सबसे अनूठा और भावनात्मक आयोजन ‘रिश्तों का रैंप’ होगा। आमतौर पर रैंप वॉक में प्रतिभागी सज-धजकर मंच पर आते हैं, लेकिन यहां रैंप पर फैशन से ज्यादा रिश्तों की खूबसूरती दिखाई देगी। बेटी अपने पिता के साथ और बेटा अपनी मां के साथ रैंप वॉक करता नजर आएगा। मंच पर इन रिश्तों के प्रेम, सम्मान और अपनत्व को विशेष अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा।
मनोरंजन के साथ समाज को सकारात्मक संदेश
नीलम अग्रवाल ने बताया कि 16 दिवसीय कार्यक्रमों की रूपरेखा इस तरह तैयार की गई है कि प्रत्येक आयोजन किसी न किसी सामाजिक, पारिवारिक या सांस्कृतिक संदेश से जुड़ा हो। कार्यक्रमों में पुरानी कहानियों, सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को केंद्र में रखा गया है। उद्देश्य है कि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं को जाने तथा रिश्तों के महत्व को समझे।अग्रसेन जयंती का यह आयोजन इस बार सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति और रिश्तों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सुंदर प्रयास बनकर सामने आ रहाइसके आलावा बालकों एवं पुरुषों का क्रिकेट, वॉलीबॉल, रस्सा खींच, कैरम बैडमिंटन चालू होगा,कार्यक्रम 11 अक्टूबार तक चलेगा

