तिल्दा-नेवरा
तिल्दा-नेवरा। बारिश के मौसम के साथ तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में सर्पदंश के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले दो महीनों में तिल्दा शहर सहित आसपास के गांवों से 100 से अधिक लोग सांप के काटने का शिकार होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं। अकेले अगस्त महीने में ही तिल्दा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 45 सर्पदंश के मामले सामने आए हैं।
हालांकि राहत की बात यह है कि अधिकांश मरीजों को समय पर इलाज मिलने के कारण वे स्वस्थ होकर अस्पताल से लौटे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सर्पदंश से दो लोगों की मौत हुई है, लेकिन दोनों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा था।
तिल्दा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आशीष सिन्हा ने बताया कि निश्चित रूप से इस बार सर्पदंश के मामलों में वृद्धि हुई है। अस्पताल में दवाइयों के साथ एंटी स्नेक वेनम (ASV) इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का समय पर उपचार किया जा रहा है।
डॉ. सिंह के मुताबिक, सर्पदंश के अधिकांश मामलों में सांप जहरीले नहीं होते, लेकिन किसी भी सांप के काटने के बाद लापरवाही करना खतरनाक हो सकता है। बारिश के मौसम में सामान्य तौर पर सर्पदंश के मामले बढ़ते हैं, लेकिन इस वर्ष इनकी संख्या अपेक्षाकृत अधिक है।
झाड़-फूंक और घरेलू उपचार से बचने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दिनों में जमीन पर सोने से बचें और रात में घर से निकलते समय विशेष सावधानी बरतें। यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो बैगा, झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के चक्कर में समय बर्बाद न करें, बल्कि तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
समय पर अस्पताल पहुंचना ही सर्पदंश की स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण है। तिल्दा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी स्नेक वेनम समेत आवश्यक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने की बात स्वास्थ्य विभाग ने कही है।

