रायपुर। हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। नवा रायपुर में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के नवीन शासकीय आवास में आयोजित गृह प्रवेश समारोह एवं हरेली उत्सव में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों की समृद्धि में ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि निहित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है। सरकार के मुताबिक इससे किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है।
साय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि यंत्रीकरण, आधुनिक तकनीक और खेती से जुड़ी आयमूलक गतिविधियों पर सरकार का विशेष जोर है। अधिक से अधिक कृषि क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि किसानों की बारिश पर निर्भरता कम हो और उत्पादन बढ़े।
मुख्यमंत्री ने हरेली को छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किसान इस दिन कृषि औजारों और गौवंश की पूजा कर प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
वहीं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अच्छी बारिश से किसानों में उत्साह है और बेहतर फसल की उम्मीद बढ़ी है। उन्होंने प्रदेश के खेत-खलिहानों के लहलहाने और किसान परिवारों में खुशहाली की कामना की।
समारोह में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने राम भजन की सुंदर प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। मुख्यमंत्री साय ने मंत्री वर्मा और उनके परिवार को नए शासकीय आवास में गृह प्रवेश की बधाई भी दी।
नोट: खबर की हेडिंग में “धान के समर्थन मूल्य” लिखने के बजाय “धान खरीदी की दर” या “धान खरीदी पर सीएम साय का बड़ा बयान” लिखना अधिक तथ्यात्मक रहेगा, क्योंकि ₹3,100 प्रति क्विंटल को सीधे केंद्र के घोषित MSP के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।

