Saturday, February 28, 2026
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आखिर कब मिलेगी इस ट्रैफिक जाम से शहर वासियों को मुक्त:हर रोज लगते हैं लंबे-लंबे जाम, नहीं है इसका कोई स्थाई समाधान

तिल्दा नेवरा -छत्तीसगढ़ के तेजी से बढ़ते शहरों में से एक तिल्दा नेवरा शामिल है.राजधानी रायपुर जिले का ये शहर चावल नगरी के नाम से जाना जाता है लेकिन तिल्दा इलाका अब औद्योग कारोबार का हब बन चूका है । शहर व आसपास की आबादी भी तेजी के साथ बढ़ी है । बीते डेढ दशक में जिस हिसाब से शहर बढ़ा है उस हिसाब से सुविधाओ में  जरा सा भी इजाफा नही हुआ है। यहां रोजाना लगने वाले जाम से लोग बेहद -परेशान हैं। आवासीय और व्यावसायिक संस्थानें खुली हैं उस अनुपात में न तो सड़कों का जाल बिछा है, न ही बाइपास और फ्लाई ओवरों का निर्माण हो सका है। पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के साथ-साथ सड़कों पर अतिक्रमण, बिजली के खंभों का व्यवस्थित नहीं होने के कारण शहर जाम से कराह रहा है।शहर से एक किलोमीटर दूर तक पहुंचने के लिए आधा घंटा लग जाता है ।, जबकि इतने समय में लोग 20 से 25 किलोमीटर का सफर तय कर लेते हैं ।. जाम का असर शहर के आम लोगों,और कारोबार के साथ बीमारी और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है ।

तिल्दा शहर राष्ट्रीय राजमार्ग रायपुर-बिलासपुर से जुड़ा है. ऐसे तो शहर में जाम की स्थिति हर इलाके में है । लेकिन स्टशन चौक ,दीनदयाल चौक ,खूबचंद बघेल चौक,साईं मंदिर रोड चौक,से लेकर तुलसी चौक के पास जाम की स्थिति रूटीन बन चुका है.

मरीजों को अस्पताल पहुंचने में होती है परेशानीः कैम्प और नेवरा से खरोरा रायपुर,सिमगा बिलासपुर जाने के लिए  दीनदयाल चौक आना पड़ता है जहा हमेशा भीड़-भाड़ रहती है।.साथ ही भारी वाहन के साथ अन्य छोटे बड़े  वाहनों की लंबी कतार लगे रहने के कारण यातायात व्यवस्था बाधित रहती है । कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचने में काफी परेशानी होती है.पीक समय में खासकर सुबह-शाम जाम की स्थिति रहती है।भारी वाहनों के चलते  कई बार बड़ी दुर्घ्तानाए हो चुकी है जिसमे कई लोगो की जन जा चुकी है ।शहर के साथ क्षेत्र के लोग दो दशकों से बायपास सड़क की मांग करते आ रहे हैं। लेकिन इस और किसी भी जनप्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया।अब हालात बद से बदतर हो चुके है.हर 10 -15 मिनटों में लोगो  को जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है ।ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पुलिस ककी डियूटी भी नही लगाई जाती है

मेन रोड की तरह दीनदयाल चौक से विजय लाज होते कैंप के सिंधी पंचायत भवन के बीच दुकानों के सामने खड़े वाहन और दुकानों का सामान सडको पर कब्जा कर बाहर रखने,के कारण सडक सिमट कर 20 से 25  फीट चौड़ा रह गया है। इसके चलते यहां दिन भर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। जिससे लोगो को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है,इतना नही ज्यदातर दुकानदार हेवी लोड वाहनों को दुकान के सामने घंटो खड़ा कर सामान खाली कराते है,और वाहनों में सामान लोड भी करते है । जाम के कारण दो पहिया वाहन  के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी आवागमन करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग 10 सालो से शहर के अंदर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग करते आ रहे है.सडको पर खड़े वाहनों पर न पुलिस कार्रवाई करती है ना नगर पलिका इस बात को लेकर लोग नाराज है ,,

क्या बोलते हैं स्थानीय लोगः

दीपक शर्मा

जाम मुक्ति के लिए लंबी अवधि की योजना जरूरीः स्थानीय निवासी भाजपा नेता दीपक शर्मा कहते हैं कि “तिल्दा नेवरा शहर में रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है. जाम से निपटने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस पदाधिकारी, नगर पालिका  सहित अन्य एजेंसियों को संयुक्त पहल करना होगा. जाम से निपटने के लिए तात्कालिक और लंबी अवधि की योजना जरूरी  है.”जाम से भ्चने का एक हि विकल्प है बायपास सड़क का होना ,यह मांग दो दशको से लम्बित है ,

दुर्गेश नशीने

भीड़भाड़ वाले इलाके में पार्किंग बनेः दुर्गेश नशीने का कहना  हैं कि “जाम से निपटने के लिए सबसे पहली जरूरत पार्किंग व्यवस्था को चाक-चौबंद किया जाए. आवश्यकता के अनुसार पार्किंग,की व्यवस्था होनी चाहिए  मार्केटिंग कॉम्पलेक्स व भीड़-भाड़ वाले भवनों में पार्किंग की अनिवार्य करना होगा. गलत पार्किंग करने वालों को फाइन भी लगे.”

आयुष कोटवानी

हैवी ट्रैफिक से निपटने के लिए बायपास रोड  जरूरीः.मोबाईल शाप के संचालक आयुष कोटवानी का कहना कि “शहर में भीड़-भाड़ से निजात दिलाने के लिए रिंग रोड,अंडरपास आदि का निर्माण करना होगा. उन्होंने कहा खूबचंद बघेल चौक पर हमेश जाम की स्थिति बनी रहती है बावजूद वहा रलवे ओवर ब्रिज बनया जाना प्रस्तावित है ,यदि ओवर ब्रिज बनेगी तो लोगो का रस्ते से चलना दूभर  हो जाएगा

रमेश अग्रवाल

जाम से विकास होता है प्रभावितः रमेश अग्रवाल ने कहा  स्मूथ ट्रैफिक सबों की जरूरत है. चाहे कोई शहर का आम नागरिक हो या कोई नौकरी करने बाहर से आया हो. यही नहीं पर्यटन और उद्योग जगत के लिए जाम मुक्त सड़कें जरूरी है. जाम के कारण व्यापार में लागत बढ़ता है और सप्लाई चेन प्रभावित होता है.

नियमित तौर पर चलता है अतिक्रमण के खिलाफ अभियानः नगर पालिका CMO ने बताया कि ” हाल में कई जगहों से सडको से  अतिक्रमण हटाया गया है. स्टेशन चौक से लेकर शहर की सरहद तक की दुकानों को सामान बाहर नही रखने की हिदायतके साथ  चेतावनी दी गई है,उसके बाद मार्केट में कुछ दुकानदारों के द्वारा सड़को पर सामान रखे जा रहे है,ऐसे में  सामान जब्त किए जाने की कार्रवाई की जाएगी “

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