विज्ञान के बिना विकास की राह में तीव्रता से आगे नहीं बढ़ा जा सकता :रानी
तिल्दा नेवरा में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर तिल्दा के ररूहाराम वर्मा शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1 में संकुल स्तरीय “ कबाड़ से जुगाड़” टीएलएम एवं विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया , पार्षद श्रीमती रानी सौरभ जैन के मुख्य आतिथितय में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्षद श्री मति किरण बाला छाबड़िया ने की जबकि भाजपा मंडल उपाध्यक्ष सौरभ जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

इस अवसर पर आयोजित कबाड़ से जुगाड़ प्रदर्शनी में नागरिकों ने अद्भुत कलाकृतियां देखीं। विज्ञान से जुडी इन कलाकृतियों में सुंदरता भी थी और संदेश भी था। सभी कलाकृतियां ऐसी चीजों से बनाई गई थीं जो घर के किसी कोने में पड़ी होती हैं और इनकी वजह से घर का वो कोना बदसूरत हो जाता है। इन कबाड़ की चीजों को इस तरह संयोजित किया गया कि इनमें गहन कला नजर आनी लगी। इस विज्ञान मेला का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना था।

इस मेले में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिक्षकों द्वारा विभिन्न विषयों से संबंधित आकर्षक एवं उपयोगी टीएलएम तैयार किए गए, जिनमें गणित, विज्ञान, पर्यावरण एवं भाषा विषयों की अवधारणाओं को सरल और रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया। “कबाड़ से जुगाड़” की थीम के तहत बेकार वस्तुओं से उपयोगी शिक्षण सामग्री तैयार कर यह संदेश दिया गया कि संसाधनों की कमी नवाचार में बाधा नहीं बनती।

इस मुके पर विद्यार्थियों ने विज्ञान से संबंधित अनेक मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें सौर ऊर्जा से चलने वाले उपकरण, जल संरक्षण मॉडल, पर्यावरण संतुलन, मानव शरीर की संरचना, पवन ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और स्वच्छता से जुड़े प्रोजेक्ट प्रमुख रहे। छात्रों ने अपने-अपने मॉडलों की कार्यप्रणाली को आत्मविश्वास के साथ समझाया, जिसे उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों ने सराहा। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक समझ और प्रस्तुतीकरण कौशल देखने लायक था।
विद्यालय की कर्मचारी तुलसी दीदी द्वारा कबाड़ सामग्री का उपयोग कर बनाए गए सुंदर सजावटी झूमर प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण रहा।
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थितसंकुल प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार चंदानी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केसदा के प्राचार्य विनोद वर्मा, वरिष्ठ व्याख्याता टी.पी. वर्मा, ने विद्यार्थियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि विज्ञान मेला जैसे आयोजन बच्चों में जिज्ञासा, तर्कशीलता और प्रयोगधर्मिता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने विद्यालय परिवार को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
इस अवसर पर रानी सौरभ जैन ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, उन्होंने कहा विज्ञान के बिना विकास की राह में तीव्रता से आगे नहीं बढ़ा जा सकता है,विज्ञान से गलत धारणा और अंधविश्वासों (अन्धविश्वासों) का विनाश होता है।विज्ञान हमारे दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजन बच्चों को नई सोच और नवाचार की दिशा में प्रेरित करते हैं। अध्यक्षता कर रही श्रीमति किरन बाला छाबड़िया ने भी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि भविष्य विज्ञान और तकनीक का है, इसलिए बच्चों को अभी से प्रयोग और खोज की आदत विकसित करनी चाहिए विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सौरभ जैन ने बच्चों के के लिए चित्र देख कर मुहावरा पहचानिए या अर्थ बताइए जैसे विभिन्न खेलो का आयोजन किया जिसकी सहराना की गई ,कार्यक्रम को पार्षद किरण बाला छाबड़िया,ने भी सबोधित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर आयोजित सफल आयोजन की बधाई दी। ..

