रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान सड़क निर्माण और मरम्मत का मुद्दा गरमा गया. डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मरम्मत योग्य सड़कों को लेकर कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल और विभागीय मंत्री अरुण साव के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिस पर आसंदी को हस्तक्षेप करना पड़ा.
कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल ने राजनांदगांव और खैरागढ़ जिलों के लोक निर्माण विभाग (PWD) अंतर्गत मरम्मत योग्य सड़कों की संख्या और उनकी स्थिति की जानकारी मांगी.
विभागीय मंत्री अरुण साव ने सदन को बताया कि कुल 48 सड़कें मरम्मत योग्य हैं. इनमें से 39 सड़कों के टेंडर हो चुके हैं, 4 सड़कों का कार्य पूर्ण हो गया है, जबकि 5 सड़कों पर काम अभी शुरू नहीं हुआ है.
मंत्री के जवाब पर आपत्ति जताते हुए विधायक हर्षिता बघेल ने कहा कि बताई गई 48 सड़कों में किसी भी स्थान पर मरम्मत कार्य नजर नहीं आता. उन्होंने इसे गलत और भ्रामक जानकारी करार दिया.
आरोपों के जवाब में मंत्री अरुण साव ने कहा कि पूरी जानकारी परिशिष्ट में उपलब्ध कराई गई है और विवरण सही है.
आसंदी का हस्तक्षेप, मंत्री पूरी जानकारी दे रहे
विवाद बढ़ता देख आसंदी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मंत्री द्वारा पूरी जानकारी दी जा रही है. इसके बावजूद कांग्रेस विधायक ने गलत जानकारी देने का आरोप दोहराया, जिस पर सदन में कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही.

