बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खरवे गांव में पिछले तीन महीनों में हुई 8 लोगों की रहस्यमयी मौतों ने पूरे इलाके को दहला दिया है। मामला इतना गंभीर हो गया कि प्रशासन को दफनाए गए शवों को कब्र से बाहर निकालकर दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का फैसला लेना पड़ा।
मंगलवार को प्रशासन, पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में जेसीबी मशीन की मदद से 6 शवों को कब्र से बाहर निकाला गया। इससे पहले 13 जून को एक अन्य शव को भी निकालकर जांच के लिए रायपुर भेजा जा चुका है। सभी शवों के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के एक व्यक्ति रामसाय जायसवाल ने शराब में जहर मिलाकर 8 लोगों को पिलाया, जिसके बाद उनकी एक-एक कर मौत हो गई। गांव में यह भी चर्चा है कि आरोपी जमीन में गड़े कथित खजाने (हंडा) को हासिल करने के लिए तंत्र-मंत्र और नरबलि जैसी अंधविश्वासी गतिविधियों में शामिल था। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
फरवरी से मई 2026 के बीच चैतू साहू, पूर्व सरपंच छातूराम साहू, विनोद साहू, बद्री पटेल, जगानंद माछी, बुटालू साहू, बुधराम जायसवाल और महत्तरू साहू सहित 8 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। सभी मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मौत से पहले इन लोगों ने आरोपी के साथ शराब पी थी।
ग्रामीणों के अनुसार, एक अन्य व्यक्ति ने भी वही शराब पी थी, लेकिन अधिक उल्टी होने के कारण उसकी जान बच गई। इसी घटना के बाद गांव में जहरीली शराब के जरिए हत्या किए जाने की आशंका गहराई और लोगों ने आंदोलन शुरू कर जांच की मांग की।
जनदबाव बढ़ने पर पुलिस, राजस्व विभाग और एफएसएल की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शवों का दोबारा परीक्षण कराने का निर्णय लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों की असली वजह सामने आएगी। फिलहाल हत्या, जहरीली शराब और अंधविश्वास से जुड़े सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
गौरतलब है कि मृतकों में से बुधराम जायसवाल का अंतिम संस्कार किया जा चुका था, इसलिए उनके शव का दोबारा परीक्षण संभव नहीं हो पाएगा। शेष 7 शवों की वैज्ञानिक जांच से इस रहस्यमयी मौतों के पीछे का सच सामने आने की उम्मीद है।

