कोरिया/सोनहत। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। रेत घाट के विवाद में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह और उनके भाई नागेंद्र सिंह की जिंदा जलने से मौत हो गई। आरोप है कि हमलावरों ने फॉर्च्यूनर वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं दिया।यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था और अवैध रेत कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आखिर ऐसा कौन सा तंत्र है, जिसके दम पर रेत माफिया खुलेआम मौत का तांडव मचा रहे हैं?

आज की सबसे बड़ी खबर छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से.है .जहां रेत घाट के विवाद ने ऐसा खूनी रूप ले लिया कि एक भाजपा नेता और उनके भाई को कथित तौर पर फॉर्च्यूनर गाड़ी में जिंदा जला दिया गया।जी हां… आपने सही सुना…आरोप है कि हमलावरों ने गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं दिया।
इस दर्दनाक घटना में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की मौके पर मौत हो गई, जबकि उनके भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।”

“सबसे बड़ा सवाल…क्या छत्तीसगढ़ में रेत माफिया कानून से ऊपर हो चुके हैं?क्या अवैध खनन और रेत तस्करी के विवाद अब लोगों की जान लेने लगे हैं?और अगर एक प्रभावशाली राजनीतिक नेता भी सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा?”घटना सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव की हैजानकारी के मुताबिक रेत घाट के संचालन और अवैध खनन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।देर रात विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने भरत सिंह के घर को घेर लिया।फॉर्च्यूनर वाहन के सामने डंपर खड़ा कर रास्ता रोका गया और फिर वाहन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।”
“कार में भरत सिंह, उनके भाई नागेंद्र सिंह, रायपुर निवासी वीरू सिंह और एक अन्य व्यक्ति सवार थे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि लोग बाहर नहीं निकल सके।भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई जबकि नागेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।दो अन्य घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।””

