इंदर कोटवानी ,,
तिल्दा नवरा -छत्तीसगढ़ में चल रहा सुशासन तिहार अब सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं रहा… बल्कि नेताओं की फटकार और अधिकारियों की पेशी का मंच बन गया है…मंत्री और सांसद जनता के सामने अफसरों को चेतावनी दे रहे हैं… निलंबन की बात हो रही हैअतिक्रमण हटाने के अल्टीमेटम दिए जा रहे हैं…लेकिन बड़ा सवाल यही है… क्या सचमुच सिस्टम सुधरेगा… या फिर यह सब कैमरों के सामने की राजनीति है…?
तिल्दा नेवरा से आई इस रिपोर्ट ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है. हरिभूमि की खास रिपोर्ट…
सुशासन तिहार पुरे प्रदेश में चल रहे लेकिन तिल्दा नेवरा के हाई स्कुल परिसर में सोमवार को सपन्न हुए सुशासन तिहार की चर्चा पुरे प्रदेश में है .दरअसल जनता की समस्याओं से ज्यादा नेताओं के तेवर चर्चा में हैं…समाधान शिविर में पहुंचे सांसद और मंत्री ने जिस तरह अधिकारियों को खुले मंच से फटकार लगाई और निलंबन की चेतावनी दी तो सभी अधिकारी सन्न रह गए.लेकिन जनता ने खूब तालियां बजाई … लेकिन लोगो के मन में सवाल भी है… क्या यह सख्ती सिर्फ मंच तक सीमित है या अब सचमुच सिस्टम बदलेगा…?

तिल्दा नेवरा में आयोजित सुशासन तिहार में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और क्षेत्रीय विधायक व मंत्री टंकराम वर्मा पहुंचे…दोनों नेताओं ने पहले सरकारी स्टॉलों का निरीक्षण किया… अधिकारियों से चर्चा की… फिर जनता के बीच पहुंचे…सरकार की योजनाओं का बखान हुआ… लेकिन माहौल उस वक्त गर्मा गया… जब शिकायतों का सिलसिला शुरू हुआ…
दरअसल एक किसान ने मंच से मंत्री टंकराम वर्मा के सामने बिलाड़ी गांव के पटवारी की शिकायत कर दी फिर क्या था… मंत्री का गुस्सा भड़क उठा…उन्होंने मंच से ही पूछा… “पटवारी यहां है या नहीं…?”और फिर मंत्री ने एसडीएम को सख्त निर्देश देते हुए कहा…“एक घंटे के भीतर पटवारी को निलंबित करो…”मंत्री यहीं नहीं रुके… उन्होंने तहसीलदार और एसडीएम को भी खुली चेतावनी दे डाली…मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मल्हे यहाँ सकरी जमीनों पर अतिक्रमण की लगातार शिकायत मिल रही है ,,मंत्री तहसीलदार का नाम लेकर की उसकी और इशारा करते कहा सुन लीजिए ठह्सिलदार साहब तिल्दा में सात दिनों के भीतर अतिक्रमण नहीं हटा… तो आप पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी …मंत्री ने यहां तक कह दिया कि जरूरत पड़ी तो एसडीएम के खिलाफ भी मुख्यमंत्री से निलंबन के लिए अनुशंसा करेंगे…मंत्री ने साफ शब्दों में कहा…“अतिक्रमण करने वाला कितना भी रसूखदार क्यों न हो…बख्शा नहीं जाएगा…”
तिल्दा नेवरा में लंबे समय से सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों की शिकायतें मंत्री के सामने आती रही हैंआरोप है कि कुछ रसूखदार लोग और सत्ता से जुड़े कई बड़े लोग करोड़ों की जमीनों पर कब्जा कर बैठे हैं…
यहां तक कि नगर पालिका की जमीन और कचरा शेड तक पर कब्जे के आरोप लग रहे हैं…ऐसे इस बात से इंकार नही किया जा सकता की जब से एसडीएम आशुतोष देवांगन पदस्थ हुए हैं तब से शहर में अतिक्रमण की बाढ़ आ गई है। हालांकि अतिक्रमण करने वाले कोई और नहीं बल्कि सत्ता से जुड़े ताकतवर लोग हैं। यही कारण है कि उनके सामने राजस्व विभाग,नगरपालिका के बड़े अधिकारी बौने नजर आते हैं। तिल्दा क्षेत्र बलौदा बाजार विधानसभा के अंतर्गत आता है और यहां से टंकराम जीत कर विधायक बने है और आज छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व मंत्री हैं। सुशासन तिहाड़ में मंत्री ने भरी मंच से तहसीलदार और एसडीएम को अतिक्रमण हटाने की चेतावनी के बाद अधिकारी सकते में आ गए हैं।
आरोप है की एक कांग्रेसी पार्षद के द्वारा तालाब के सामने लखो की बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर दुकान बनवाए फिर उसे करोड़ो में बेच दिया..आज भी वो सरकारी जमीनों पर कब्जा कर बेचने में लगा है। इस पार्षद से एक झोला छाप डाक्टर भी जुडा हुआ है, इनके द्वरा कोहका रोड पर करोड़ो की सकरी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है । जिसकी जानकारी नगर पलिका और राजस्व विभाग पुरे अमले को है i
इस दौरान रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई…उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर और आसपास की सरकारी जमीनों की पूरी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए…साथ ही अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई करने को कहा सांसद ने शहर में बिक रही अवैध शराब पर भी नाराजगी जाहिर की… सुशासन तिहार में नेताओं की सख्ती और अधिकारियों की फटकार अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुकी है…जनता को उम्मीद है कि मंच से दी गई चेतावनियां अब जमीन पर भी दिखाई देंगी…लेकिन बड़ा सवाल यही है… क्या कार्रवाई रसूखदारों तक पहुंचेगी… या फिर छोटे कर्मचारी ही बलि का बकरा बनते रहेंगे…? या फिर मंत्री सांसद की यह सिर्फ जनता के बीच सख्त छवि दिखाने की कवायद है…फिलहाल जनता को इंतजार है… मंच से दिए गए आदेशों के जमीन पर उतरने का…

