कांकेर जिले में भाई-बहन की मौत का कारण बने आदमखोर भालू को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। रायपुर से पहुंची एक्सपर्ट रेस्क्यू टीम ने विशेष अभियान चलाकर भालू को ट्रेंकुलाइज किया और उसे अपने कब्जे में ले लिया।बताया जा रहा है कि भालू के लगातार हमलों से इलाके में दहशत का माहौल था। इसी बीच आक्रोशित ग्रामीण भालू को मारने की कोशिश करने लगे, जिससे मौके पर वन विभाग और पुलिस के साथ झूमाझटकी की स्थिति भी बन गई। स्थिति को नियंत्रित करने के बाद विशेषज्ञ टीम ने सफलतापूर्वक भालू को बेहोश किया। फिलहाल उसे जिला मुख्यालय लाया जा रहा है, जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण और आगे की वन्यजीव संबंधी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कांकेर:आदमखोर भालू काबू, एक्सपर्ट टीम ने ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा
छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग के भीतर ही अवैध शराब कारोबार से जुड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई की गई है।जांच में पुष्टि होने के बाद आबकारी आयुक्त ने बालोद के आबकारी उप निरीक्षक आसाराम शाक्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।वहीं, बालोद की सहायक जिला आबकारी अधिकारी नीलोफर जैन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए शासन को पत्र भेजा गया है।आरोप है कि दोनों अधिकारी बालोद की शराब दुकानों से शराब लाकर धमतरी जिले में उसकी कालाबाजारी कर रहे थे।इधर,बलौदा बाजार में शराब की ओवररेट बिक्री के मामले में भी कार्रवाई करते हुए सर्किल प्रभारी पी. माधवराव को निलंबित कर दिया गया है। जांच में शराब निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेचे जाने की पुष्टि हुई थी।
अवैध शराब कारोबार में उप निरीक्षक निलंबित
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल और शराब घोटाला मामले में आरोपी रामगोपाल अग्रवाल को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। न्यायिक रिमांड समाप्त होने पर आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने उन्हें कोर्ट में पेश किया।सुनवाई के दौरान रामगोपाल अग्रवाल की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर अदालत ने राहत देने से इनकार करते हुए उसे खारिज कर दिया। इसके साथ ही उनकी न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।EOW के अधिवक्ता सौरभ पांडे ने बताया कि कोल और शराब घोटाला मामले में न्यायालय ने जमानत याचिका अस्वीकार कर दी है और आरोपी फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में ही रहेगा।यह मामला प्रदेश के सबसे चर्चित आर्थिक घोटालों में शामिल है, जिसकी जांच ईओडब्ल्यू द्वारा की जा रही है।
कोल-शराब घोटाला: रामगोपाल अग्रवाल को राहत नहीं,
दुर्ग जिले के जेवरा सिरसा थाना क्षेत्र में हुए कांग्रेसी नेता उपसरपंच हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में तीन नाबालिग सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस जांच में सामने आया है कि दो दिन पहले लूट की वारदात के दौरान उपसरपंच की हत्या की गई थी। वारदात के समय सभी आरोपी नशे की हालत में थे।आरोपियों ने लूट का विरोध करने पर धारदार हथियार से हमला कर उपसरपंच की निर्मम हत्या कर दी थी। घटना के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया।फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

