केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने समेत सरकार के साथ सभी प्रमुख मांगों पर सहमति बनने.के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा अपना आंदोलन वापस लेने का ऐलान कर दिया है. सरकार और सीजेपी के प्रतिनिधियों के बीच तीनदौर की बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया. सीजेपी की तीन प्रमुख मांगें थीं- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों और आयोजको.के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर व कानूनी मामलों को वापस लेना और नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना

कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन खत्म:कहा- तीनों मांगें पूरी,
नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है.देशभर में पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई) को अपने पद से इस्तीफा दिया था.इसके बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है.27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में जन्मे प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेताओं में शामिल हैं. उन्होंने कर्नाटक यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड केएस आर्ट्स कॉलेज से बैचलर ऑफ आर्ट्स(बीए) की पढ़ाई पूरी की. राजनीति में आने से पहले उन्होंने कारोबार और सामाजिक क्षेत्र में भी काम किया.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को कमान
कोरबा के कटघोरा क्षेत्र में शनिवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। खेत में रोपा लगाने का काम कर रहे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में 3 ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई।जानकारी के अनुसार, सलोरा-छुरी क्षेत्र के एक खेत में 25 से अधिक ग्रामीण धान की रोपाई कर रहे थे। इसी दौरान तेज बारिश और गरज-चमक के बीच खेत की मेढ़ पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए। हादसे में 3 ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि अन्य मजदूरों में दहशत फैल गई।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
रोपा लगा रहे 25 मजदूरों पर टूटा आसमान: आकाशीय बिजली गिरने से 3 ग्रामीणों की दर्दनाक मौत
रायपुर। CGPSC भर्ती घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर लिया है।जानकारी के अनुसार, ईडी ने प्रोडक्शन वारंट के जरिए सोनवानी को हिरासत में लेकर PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष अदालत में पेश किया। सुनवाई के बाद अदालत ने 31 जुलाई तक 7 दिनों की कस्टोडियल रिमांड मंजूर कर दी है।अब ईडी की टीम आगामी सात दिनों तक टामन सिंह सोनवानी से CGPSC भर्ती घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं पर गहन पूछताछ करेगी। इस कार्रवाई को मामले की जांच में बड़ा कदम माना जा रहा है।
CGPSC घोटाले में कार्रवाई: पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी गिरफ्तार,
कोरबा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित कार्बन फैक्ट्री में शनिवार को बायलर फटने से हड़कंप मच गया। ब्लास्ट के साथ ही फैक्ट्री के भीतर भीषण आग लग गई। घटना के समय फैक्ट्री में 30 से 40 मजदूर काम कर रहे थे। ब्लास्ट की आवाज सुनते ही मजदूरों में भगदड़ मच गई और सभी ने भागकर अपनी जान बचाई।बता दें कि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरा इलाका काले धुएं से भर गया। धुएं के साथ केमिकल की तेज बदबू और जलन भी महसूस की जा रही थी। इससे आसपास के रहवासियों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही नगर सेना की दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया।
कोरबा कार्बन फैक्ट्री में ब्लास्ट:मजदूरों ने भागकर बचाई जान
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी। इस पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने X पर लिखा- एक प्रधान का इस्तीफा हो गया है। ये भारत के युवाओं की जीत है।इसके अलावा भूपेस बघेल ने केंद्र सरकार की तुलना ‘हिरण्यकश्यप’ से की और Gen Z को नरसिंह अवतार बताया। बघेल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर के छात्रों की जीत है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की हार है।छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी प्रधान के इस्तीफे का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को शांत करने के लिए ये फैसला जरूरी था। वहीं प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था।
भूपेश बोले- Gen-Z नरसिंह अवतार, मोदी सरकार ‘हिरण्यकश्यप’
हैदराबाद में NEET पेपर लीक मामले को लेकर आयोजित कैंडल लाइट मार्च को संबोधित करते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि अगस्त के पहले हफ्ते में विधानसभा और विधानसभा और विधान परिषद का विशेष सत्र बुलाया जाएगा. इस दौरान चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 21 साल करने का प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा.रेवंत रेड्डी ने NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए Gen Z आंदोलन का जिक्र करते हुए दावा किया कि इस आंदोलन ने ’56 इंच के सीने’ को हरा दिया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया. उन्होंने कहा कि देश की आबादी में करीब 30 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली Gen Z कीकी लोकसभा में भागीदारी एक फीसदी से भी कम है. अगर 21 साल से अधिक उम्र के युवाओं को मंत्री बनने का मौका दिया जाए तो देश का भविष्य बदल सकता है.
21 की उम्र में बन सकेंगे MP और MLA!
इंदौर से एक अनोखी बारात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. आम तौर पर शादियों में सैकड़ों बारातें और भारी भीड़ देखी जाती है, लेकिन इस बारात में न तो भीड़ थी और न ही रिश्तेदार. दूल्हा घोड़ी पर अकेला था और साथ में डीजे था.मध्य प्रदेश के इंदौर की सड़कों पर एक ऐसा नजारा दिखा जिसने लोगों में उत्सुकता जगा दी और चर्चा का विषय बन गया. आजकल शादियों में अक्सर बड़ी बारात, शान-ओ-शौकत और गाड़ियों का लंबा काफिला देखने को मिलता है, लेकिन इंदौर के जवाहर मार्ग पर एक दूल्हा बेहद अनोखी और सादगी भरी बारात के साथ दिखा. बारात में बड़ी भीड़ नहीं, बल्कि केवल दो-चार लोग ही उसके साथ नजर आ रहे हैं. इस सादगी भरी बारात ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा.
न शोर-शराबा, न मेहमान…DJ के साथ अकेले निकाली बारात
आईटीबीपी 53वीं वाहिनी के जवानों ने एक बार फिर वर्दी के पीछे छिपी मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की है। बेनूर के अति-संवेदनशील और दुर्गम गांव धुरबेड़ा की 22 वर्षीय गर्भवती सुधी मंडावी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई।मूसलाधार बारिश से रास्ते कीचड़युक्त हो चुके थे और उफनते नालों के कारण एंबुलेंस पहुंचना असंभव था। सूचना मिलते ही सेनानी संजय कुमार के मार्गदर्शन में कोडेनार और अडिंगपार से आईटीबीपी व पुलिस की टीमें रवाना हुईं।जवानों ने घने जंगलों और उफनते नालों की परवाह किए बिना गांव पहुंचकर महिला को स्ट्रेचर पर लिटाया और कई किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक लाए। इसके बाद फील्ड अस्पताल कुतुल के सहयोग से उसे सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों ने जवानों को
कंधों पर स्ट्रेचर गर्भवती:उफनता नाला पार कर पहुंचाया अस्पताल

